जिन्होंने चुनाव में करा दी थी ज़मानत जब्त, उनके बच्चों की भूख मिटा रहा है यह सिक्ख

वैसे तो हिंदुस्तान में इन दाढ़ी, पगड़ी वालों की तादाद सिर्फ 02 प्रतिशत है जिन्हें सिक्ख कहते हैं, लेकिन पता नहीं ये किस मिट्टी के बने होते हैं. पता नहीं, क्या सिखाया है इनके गुरुओं ने जो हर किसी की तकलीफों का हिस्सा बनने और उसे दूर करने के लिए खड़े हो जाते हैं. अब इसी इंसान को देख लिजिए. पढ़िए, इनकी सेवा भावना की दास्तां को. मन में स्वतः इन लोगों के प्रति सम्मान की भावना जागृत हो जाएगी.

यह हैं जनाब अमनदीप सिंह सूदन. काग्रेस के युवा नेता हैं. पिछले दिल्ली विधानसभा चुनाव में इन्हें कांग्रेस ने राजौरी गार्डेन सीट से अपना उम्मीदवार बनाया था. राजौरी गार्डेन के लोगों ने इस इंसान ने ऐसी नफरत दिखाई कि अमनदीप की चुनाव में जमानत जब्त हो गई. इलाके के लोग कहते थें कि इंसान और उम्मीदवार के तौर पर अमनदीप बेहतरीन हैं लेकिन हम वोट आम आदमी पार्टी या भारतीय जनता पार्टी को देंगे क्योंकि लड़ाई में कांग्रेस नहीं है.

अमनदीप सिंह को उम्मीद से काफी कम वोट मिले लेकिन कहते हैं न कि वक्त एक जैसा नहीं रहता. वक्त बदलता रहता है. कोरोना वायरस की महामारी फैल गई. लॉकडाउन का संकट खड़ा हो गया. दिल्ली जैसे महानगर में रोज कमाने खाने वालों की संख्या ज्यादा है. रेहड़ी, पटरी पर दुकान लगाने वालों के बाल बच्चों के भूखे मरने की नौबत आ गई. रोजमर्रा की जिंदगी तकलीफदेह हो गई. खुद तो दो रोटी कम खा ले इंसान और जैसे तैसे गुजारा कर लें लेकिन अबोध बच्चों का क्या.

 

जिस दिन से लॉकडाउन उस दिन से सेवा

22 मार्च से लॉकडाउन चल रहा है और 23 मार्च से अमनदीप का अपना काम भी चल रहा है. जो सामने लाचार दिख रहा है, भूखा दिख रहा है या जिस परिवार के बारे में मालूम चल रहा है कि वो इस लॉकडाउन में खाने पीने की परेशानियां झेल रहा है, अमनदीप वहां खड़े नजर आ जाते हैं. अमनदीप के साथी ऐसे लोगों के घर तक तत्काल राशन पहुंचाने चले जाते हैं. अमनदीप को चुनाव परिणामें की कोई परवाह नहीं है. अमनदीप गुरु के सच्चे सिक्ख हैं और इसी नाते वो सबकी सेवा में लगे हुए हैं.

कोई भेदभाव नहीं

अमनदीप हर इंसान को एक पिता की संतान मानते हुए बिना किसी जाति, धर्म के भेदभाव के लोगों तक खाना पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं. किसने उन्हें वोट दिया, किसने नहीं दिया, अमनदीप को इन बातों से कोई लेना देना नहीं.

आपकी आंखें नम हो जाएंगी ये देखकर कि कैसे आधी रात को भी अमनदीप अपने साथियों के साथ सड़क पर रात गुजारने वालों को खाने की पैकेट देते दिल्ली की सड़कों पर दिख जाते हैं. अमनदीप के खाने के पैकेट में दूध, ब्रेड, चावल, आटे वगैरह सब कुछ होता है, जिससे इंसान अपनी भूख मिटा सकता है.

शर्म तो जरुर आती होगी

अमनदीप सिंह को इस तरह से सेवा कार्य करते देख या अपने घर पर भोजन, राशन का पैकेट देख उन लोगों को शर्म तो जरुर आती होगी जिन्होंने उन्हें चुनाव में वोट नहीं दिया या फिर लोकतंत्र सचमुच मूर्खों का शासन है !

युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं अमनदीप

अमनदीप सिंह सूदन कांग्रेस के प्रखर युवा नेता हैं. कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई से राजनीति की शुरुआत करने वाले अमनदीप वर्तमान में युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं. अमनदीप को पिछले दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने सिक्ख बहुल राजौरी गार्डेन सीट से अपना उम्मीदवार बनाया था. अमनदीप पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के भी बेहद करीबी माने जाते हैं.

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