कोरोना संक्रमित महिला, 1500 लोगों के साथ सत्संग में शामिल हुई, छान-बीन शुरू

देश में कोरोना महामारी पैर पसारती ही जा रही है, लेकिन इस देश की जनता को पता नहीं क्या हो गया है, जिसको चाहे देखो किसी भी धर्म का हो कोई भी अपने अपने धर्म के कर्मकांडों को करने के लिए में कम नहीं पड़ रहा है. अभी हजरत निजामुद्दीन के मरकज का मामला थमा नहीं था, कि मुंबई के उल्लास नगर से एक खबर आ रही है.

मुंबई, के उल्ल्हासनगर में रहनेवाली, 49 वर्षीय महिला लगभग 1500 श्रद्धालुओं के साथ एक सत्संग में शामिल हुई थी, ये बात मार्च के महीने की है. जब इस महिला का कोरोना टेस्ट करवाया गया, उसके बाद कुछ और जानकारियां सामने आयीं. जिसके खुलासे के बाद अधिकारीयों के पैरों तले ज़मीन खिसक गयी.

नबभारत की खबर के अनुसार उल्ल्हास नगर में रहने वाली यह महिला सत्संग में शामिल होने से पहले दुबई ट्रिप पर से लौटी थीं. जिसके कुछ दिन बाद वह उस 15 100 लोगों से भी ज्यादा शामिल सत्संग में सम्मिलित हुयीं थी. इसके बाद ही उनकी तबियत ख़राब हुई थी.

जब इनकी तबीयत ज़्यादा बिगड़ गई तो इसके बाद इन्हें कस्तूरबा हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया गया था, महिला से जानकारी लेने के बाद, स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम ने उनके घर पर अच्छी तरह से साफ सफाई करवाई और सैनिटाइजर का छिडकाव भी करवाया गया.

फिर उसके बाद उन्होंने जांच की, के सत्संग में शामिल होने से पहले और बाद इन 15 दिनों में किन-किन लोगों के संपर्क में ईन. आपको बता दें कि लोग ऐसे ही जाने अनजाने में एक दूसरे के संपर्क में आते चले गए, और भारत में इस तरह से कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है, जो एक बेहद चिंताजनक विषय है.

हालांकि कई जगह देखा गया है कि जिन लोगों को कारंटाइंड किया गया है, वह किसी डर की वजह से हॉस्पिटल से ही दौड़ लगा देते हैं. अब प्रशासन ने ऐसे लोगों पर भी सख्ती से पहरेदारी करना शुरू कर दिया है, ताकि कोई भी इस तरह का संभावित व्यक्ति या महिला हॉस्पिटल से अपने घर या कहीं और ना जा पाए.

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