कोरोना संक’ट में भी मच रही लूट, फ्लाइट से महंगी हुई एंबुलेंस, 10 किमी दूर जाने के लिए कोरोना मरीज से लिए जा रहे….

एक तरफ पूरा देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है और दूसरी तरफ देश में कई जगहों पर खुली लूट चल रही हैं. सं’क्रमि’त मरीजों से लूट की कई शिकायतें सामने आ रही हैं. इसी बीच आरोप लगाए जा रहे है कि एंबुलेंस ऑपरेटर भी कोरोना मरीजों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं. खास बात यह है कि कई राज्यों द्वारा अधिकतम किराए की सीमा भी निर्धारित कर दी गई है लेकिन इसके बाद भी खुलेआम मरीजों से लूट मची हुई हैं.

बताया जा रहा है कि एम्बुलेंस ओपरेटर 10 किलोमीटर तक की दूरी के लिए 10 हजार रुपए तक वसूल रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मुंबई में 10-15 किमी तक के सफर के लिए मरीजों से 30 हजार रुपए लिए जा रहे हैं, यानि एक किलोमीटर का 3 हजार रुपया वसूला जा रहा हैं.

एम्बुलेंस ओपरेटर की मनमानी को देखते हुए अब महाराष्ट्र सरकार को इस मामले में दखल देना पड़ा हैं. बता दें कि जून के आखिरी हफ्ते में पुणे में एक कोरोना मरीज से शहर के भीतर ही 7 किलोमीटर की दूरी तय करने के एवज में 8 हजार रुपए लिए गए थे.

वहीं कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु की बात कि जाए तो यहां पर एक व्यक्ति से 6 किमी से भी कम दूरी तक अपनी 54 साल की मां को ले जाने के बदले में 15 हजार रुपए वसूले गए थे. वहीं कोलकाता में भी कोरोना मरीजों से 5 किमी के सफर के लिए 6 से 8 हजार रूपये लेने के मामले सामने आए हैं.

सिर्फ एंबुलेंस ही नहीं बल्कि पीपीई किट के लिए भी अलग से पैसे लेने के आरोप लगाए जा रहे है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार प्राइवेट एंबुलेंस ने पीपीई किट के अलग से पैसे वसूले हैं. हैदराबाद के एक शख्स ने बताया कि जब वो अपने चाचा को निजामपेट के एक हॉस्पिटल से 20 किमी दूर सिकंदराबाद के गांधी हॉस्पिटल तक लेकर आया तो एक प्राइवेट ऑपरेटर ने किट के 11 हजार रुपए लिए.

आपको बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानक के अनुसार प्रति 1 लाख लोगों पर कम से कम 1 एंबुलेंस होना चाहिए लेकिन ज्यादातर भारतीय राज्यों में एम्बुलेंस की संख्या बहुत कम हैं, इसी के चलते लोग अपनी मनमानी चला रहे हैं. बता दें कि बेंगलुरु में 1.4 लाख लोगों पर एक एंबुलेंस है.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पश्चिम बंगाल में एक शख्स से 1.4 लाख रूपये वसूला गया हैं. एक कोरोना मरीज को दुर्गापुर से गया तक यानि करीब 300 किमी की दूरी तय करने के बदले 1.4 लाख रुपए लिए गए हैं हालांकि शिकायत के बाद जब मामला सामने आया तो मरीज को 1 लाख रुपए लौटा दिया गया हैं.