6 हजार मौ’त पर पाकिस्तान को क़ब्रिस्तान बताने वाला भांड मीडिया हिंदुस्तान में 44 हजार मौ’तो पर चुप

कोरोना सं’कट में सबसे अधिक निराश तमाम बु’द्धिजी’वियों और वा’मपं’थी’यों ने किया है. वो इसे एक बीमारी और म’हा’मा’री मान रहे है लेकिन उसके पीछे जो खेल रचा जा रहा है उसे बे’नकाब करने की दिशा में काम नहीं कर रहे है. उन्होंने इसके पीछे जो द’क्षिणपं’थ एक दुरभि’सं’धि रच रहा है उसके बारे में तो लोगो को बताओ चाहिए. मोदी सरकार ने देश में जो सवा दो महीने का ड्रे’कोनि’यन लॉकडाउन लागू किया गया.

इससे कोरोना को तो कोई फर्क नही पड़ा लेकिन देश की अ’र्थव्यवस्था जरुर पूरी तरह से बर्बा’द हो गई. लेकिन इसके बाद भी किसी भी वामपं’थी ओर बु’ध्दिजी’वी वर्ग के व्यक्ति ने इसके खिलाफ कोई आवाज बुलंद नही की. इन से अच्छा विरोध तो पूंजीप’ति वर्ग के प्रतिनिधि राजीव बजाज द्वारा किया गया.

राजीव ने साफ कहा कि पूरी दुनिया से मैंने कहीं भी इस तरह के लॉकडाउन के बारे में नहीं सुना जैसा की भारत में लागू किया गया है. दुनिया भर से मेरे परिवार और सभी दोस्त घरों से बाहर निकलने के लिए हमेशा स्वतंत्र रहे हैं.

यह बहुत अजीब रहा, मुझे नहीं लगता है कि कभी भी किसी ने कल्पना की होगी कि दुनिया को इस तरह से बंद करना पड़ जाएगा. मुझे नहीं लगता कि विश्व युद्ध के दौरान भी दुनिया इस तरह से बंद थी. तब भी चीजें खुली रही होगी.

राजीव बजाज ने जापान और स्वीडन का उदाहरण देते हुए कहा कि इन देशों ने लॉकडाउन लागू नहीं किया लेकिन इसके बाद भी उनके जहां कोरोना पूरी तरह से कंट्रोल में है.

राहुल बजाज ने तो फिर भी विकसित देशों के उदाहरण दिये थे लेकिन अगर हम पाकिस्तान पर एक नजर डालकर देखते हैं. आपको बता दें कि पाकिस्तान ने कभी भी लॉकडाउन नहीं लगाया है. इसे लेकर पीएम इमरान खान ने कहा था कि पाकिस्तान अमेरिका, यूरोप और चीन की तरह वो भी लॉकडाउन लागू नहीं करेगा.

पाक पीएम इमरान ने कहा कि देश की आर्थिक स्थिति इस हालात में नहीं है कि पुरे देश में लॉकडाउन लगाया जा सके. हमारे जहां 25 मिलियन लोग कमजोर वर्ग के है. वो दैनिक या साप्ताहिक मजदूरी पर रहते है हम कैसे लॉक डाउन लगा सकते हैं? इस दौरान भारतीय मीडिया पाकिस्तान को लॉकडाउन नहीं लगाने पर क्रिटिसाइज कर रहा था.

इतना ही नहीं मीडिया में पाकिस्तान में क’ब्रिस्ता’न में कब्र खोदते हुए लोगो के विजुअल तक चलाए. मीडिया में पाकिस्तान बर्बाद हो जाएगा यह तक कहा जा रहा था. आपको बता दें कि पाकिस्तान में 281,863 कुल केस सामने आए जिसमें से 256,058 लोग रिकवर कर चुके हैं और मौ’तें 6,035 हुई है.

पाकिस्तान पूरी तरह से रिकवर हो चूका है और अब सिर्फ 25 हजार के आसपास ही एक्टिव केस है. पिछले 24 घण्टे में मौ’तें वहाँ मात्र 18 हुई है जबकि भारत मे यह आंकड़ा एक हजार पर पहुंच गया है वो भी तब जब भारत ने सवा दो महीने का टोटल लॉकडाउन लगा कर अर्थव्यवस्था को भी बर्बाद कर लिया है.

साभार- बोलता हिंदुस्तान