VIDEO: कोरोना की जं’ग में दो मुस्लिम भाईयों ने दान कर दिए 25 बीघे में उगाए लाखों के गेहूं, बोले- प्रचार मत करना

दुनिया भर में कोहराम मचा रहे कोरोना वायरस ने अब तक कई लाख लोगों की जा’न ले ली है. भारत में भी इसके मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं वैश्विक म’हामा’री के बीच जनजीवन ठप पड़ा हुआ है. इस कारण अति गरीब तबका 2 जून की रोटी के लिए मोहताज है हलाकि सरकारें इस संकट की घड़ी में तमाम योजनाएं चला रही हैं. फिर भी गरीबों पर कोरोना लॉकडाउन का कहर जारी है।

लेकिन इन सब के बीच अगर कोई किसान अपने खेत की पूरी फसल ही जरुरतमंदों को बांटने के लिए प्रशासन को सौंप दें तो इसे उसके संस्कारों की पूर्णता ही कहा जायेगा ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश के गुना जिले से सामने आया है जहाँ कोरोना संकट से निपटने के लिए दो मुस्लिम भाईयों ने अपने पूरे खेत में खड़ी गेहूं की फसल जरुरतमंदों को दान कर दी।

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दरअसल, मध्य प्रदेश के गुना जिले के रहने वाले किसान रियाज और उनके भाई मुस्तफा कमर ने कलेक्टर को फसल दान करने की सूचना दे दी है। जिसके बाद जिला प्रशासन ने उनके खेत में फसल की कटाई भी शुरू करा दी है।

दोनों भाइयों का गुना स्थित बीजी रोड भुल्लनपुरा में खेत है, रियाज जमा और उनके भाई मुस्तफा कमर जमा ने बताया कि शिया दाऊदी बोहरा जमात के धर्मगुरु आका मौला सैयदना सैफुद्दीन साहब ने अनुयायियों को निर्देश दिए हैं कि जितना हो सके, जनकल्याण नीतियों पर चलें, गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करो।

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इसी को देखते हुए अपने पिता शेख मोहम्मद जमा की स्मृति में खेत की फसल दान दी है, ताकि इसका वितरण प्रशासन जनकल्याण में कर सके दोनों कृषक शहर के समाजसेवी और कांग्रेस नेता नूरुलहसन नूर के भतीजे हैं दरअसल, नूरुलहसन ने ही प्रशासन रिलीफ फंड में गेहूं दान करने के लिए दोनों भाइयों को प्रेरित किया था।

 

जब दोनों भाइयों से इसके बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा की जरुरतमंदों दी गई चीज़ का प्रचार-प्रसार कैसा ऐसा करने से और लोगों को भी प्रेरणा मिलेगी दोनों तपाक से बोले हैं, हमारा क्या हम ने क्या दिया हमें जो ऊपर वाले ने दिया हमने उसे ऊपर वाले के बंदो को ही दे दिया इसमें प्रचार करने की क्या बात है।