गए थे कोरोना की वैक्सीन लगवाने, लगा दिया रैबीज का टीका- स्वास्थय केन्द्र की बड़ी लापरवाही

फिलहाल कोरोना संक्रमण के कारण देश के हर कोने में कोरोना वेक्सीन लगाई जा रही है। राजधानी दिल्ली में तो जनता के लिए कोरोना टीकाकरण केंद्र चौबीस घंटे अवेलेबल रहेंगे। कइ लोग वैक्सीन को ले चुके हैं तो कि लोग वैक्सीन को लेने के बारे में सोच रहे हैं।

इन सभी के स्वास्थ्य केंद्र पर कार्यरत कर्मियों को भी कोरोना वेक्सीन मामले में लापरवाही को उजागर करता एक मामला सामने आया है, जहां अधेड़ उम्र महिलाओं को गलत वेक्सीन दे दी गई है।

कोरोना की बजाय लगा दिया एंटी रैबीज का टीका

दरअसल सारी घटना सामली के कांधला विस्तार की है। यहां पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तीन महिलाएं कोरोना का टीका लगवाने गई थी। मगर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने तीनों को कोरोना वेक्सीन के बजाय एंटी रैबीज का टीका लगा दिया।

इस सारे मामले की शिकायत सीएमओ से की गई है। हालांकि यह दोनों ही टीकाकरण के स्थान अलग-अलग हैं। सीएमओ डाक्टर संजय अग्रवाल ने दी जानकारी के मुताबिक परिजनों की शिकायत पर सीएमओ ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

वेक्सिन लेने के बाद महिला की तबियत हुई खराब

मोहल्ला सरावज्ञान की निवासी सरोज (70) पत्नी स्वर्गीय जगदीश नगर के रेलवे मंडी निवासी अनारकली (72) तथा सत्यवती (62) तीनों महिलाएं स्थानीय सामुदायिक स्वास्थय केंद्र में कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगवाने गईं थीं। महिला सरोज वेक्सिन लगवाकर जब घर आई तो उसे तेज चक्कर आने लगे और घबराहट होने लगी।

घर के सदस्यों ने उसे निजी चिकित्सक के पास ले गए। वहां पर चिकित्सक को सीएचसी से दिए गए पर्चे को देखा तो उस पर एंटी रैबीज वैक्सीन का डोज लिखा हुआ था। बाद में वहां अन्य दोनों महिलाओं के पर्चे देखने पर उन पर भी एंटी रेबीज ही दर्ज की थी।

स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. बिजेंद्र सिंह के मुताबिक तीनो महिलाओं को एंटी रैबीज लगाने का मामला सामने आया है। इस सारे मामले की जांच की जा रही है।

दोनों टीकाकरण के केंद्र और स्टाफ अलग अलग

सीएमओ डाक्टर संजय अग्रवाल के मुताबिक ऐसा संभव नहीं हो सकता क्योंकि कोरोना टीकाकरण और एंटी रैबीज दोनों ही अलग-अलग स्थान पर हो रहा है।

कोरोना सेंटर पर एंटी रैबीज का टीका ही नहीं होता, इतना ही नहीं इन दोनों केंद्र पर स्टाफ भी अलग-अलग होता है। तीनों महिलाएं गलती से एंटी रैबीज कक्ष में चली गई होंगी। इस सारे ही मामले का सीएचसी प्रभारी को जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं।

पुणे (महाराष्ट्र) की रहने वाली 'बुशरा त्यागी' पिछले 5 वर्षों से एक Freelancer न्यूज़ लेखक (Writer) के तौर पर कार्य कर रही हैं। 16 साल की उम्र से ही इन्होंने शायरी, कहानियाँ, कविताएँ और आर्टिकल लिखना शुरू कर दिया था।