बड़ी खबर: कोरोना वायरस को लेकर और चौंकाने वाला खुलासा, एक बार कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति तीन महीने बाद…

कोरोना वायरस का कहर देश और दुनिया में लगातार जारी है, सारी दुनिया इससे ल’ड़ने में जुटी हुई हैं. कोरोना वायरस और लॉकडाउन के बीच आज भारत ने अपना स्वतंत्रता दिवस मनाया है लेकिन कोविड-19 के चलते इस साल वो रौनक देखने को नहीं मिली जो हर साल देखने को मिलती थी. लाल किले के प्राचीर से दिए गए अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कोरोना को लेकर कई बार चर्चा की.

वहीं कोरोना को लेकर लगातार नए शोध और स्टडी सामने आ रही हैं. वहीं कोरोना वायरस से ठीक हो रहे लोगों में मन में सबसे बड़ा सवाल यह रहता है कि क्या उन्हें दोबारा कोरोना हो सकता हैं या नहीं या फिर वह अब इस वायरस से पूरी तरह सुरक्षित हैं.

इसे लेकर वैज्ञानिकों का मानना रहा है कि एक बार अगर कोई व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्र’मि’त हो जाता हैं तो उसके शरीर में एंटीबॉडी बनने लगती हैं, जिसके चलते संक्रमित मरीज को कई महीनों तक दोबारा कोरोना होने की संभावना बहुत कम होती है.

लेकिन अब नए शोध में कुछ चौंकाने वाले नतीजें सामने आए हैं. हार्वर्ड विश्वविद्यालय के इम्यूनोलॉजिस्ट डॉ माइकल मीना ने इस पर कहा कि कोरोना वायरस से सं’क्रमि’त व्यक्ति के शरीर में इम्यून मॉलिक्यूल बनने लगते हैं, जिन्हें हम एंटीबॉडी कहते हैं.

वैज्ञानिकों का कहना है कि ये एंटीबॉडी किसी भी मरीज के शरीर में दो से तीन महीने तक रहती है. हालांकि वैज्ञानिकों और जानकारों का कहना है कि कम समय में कोई एक व्यक्ति कोरोना से दोबारा सं’क्रमि’त हो जाए, इसकी संभावना काफी कम होती है.

लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि दुनिया भर में कई ऐसे मामले भी सामने आए है जहां कम समय के अंदर ही किसी सं’क्रम’ण से उभरे व्यक्ति को दोबारा कोरोना हो गया हैं.

इसके जवाब में वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर किसी संक्र’म’ण से ठीक हुए व्यक्ति को दोबारा कोरोना होता हैं तो इसका सीधा सा मतलब यह है कि वो पहले पूरी तरह से ठीक नहीं हुआ था इसलिए उस में दुबारा इसके लक्षण देखने को मिले हैं.