गधे की लीद से मिलावटी मसाला बनाकर बेचता था हिंदू युवा वाहिनी नेता, छापे में हुआ खुलासा फेक्ट्री सील

2002 में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बनाया गया संगठन हिंदू युवा वाहिनी के सह प्रभारी की फैक्टरी में बन रहे थे नकली मसाले पुलिस ने किया गिरफ्तार फेक्ट्री सील.

आज के समय में आमतौर पर कई चीजों में मिलावट देखने को मिल रही है और समय-समय पर खाद्य सामग्री में मिलावट पकड़ी भी जाती हैं। ऐसा ही कुछ हाल ही में उत्तर प्रदेश की एक फैक्ट्री में देखने को मिला। जिसके खुलासे से बाद लोग हैरान हो गए, जानकारी के अनुसार इस फैक्ट्री में नकली मसाले बनाए जा रहे थे। यूपी के नवीपुर इलाके में स्थित इस फैक्ट्री के मालिक अनूप वार्ष्णेय को पुलिस द्वारा हिरासत में ले लिया गया है।

आपको बता दें कि अनूप एक संगठन हिंदू युवा वाहिनी का मंडल सह प्रभारी है जिस संगठन को 2002 में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बनाया गया था। पुलिस को जानकारी मिली है कि नकली मसाले बनाने के लिए गधे के लीद, भूसा, हानिकारक रंगो और ए’सि’ड का उपयोग किया जाता था। पुलिस को उचित स्थान पर कई ए’सि’ड से भरे हुए ड्रम भी बरामद हुए हैं।

धनिया, गरम मसाला, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी जैसे मसाले बनाते थे

masala factory

साथ ही 300 किलो नकली मसाले मिलने की बात ज्वाइंट मजिस्ट्रेट प्रेम प्रकाश मीणा द्वारा कही गई। मसालों की थैलियों पर स्थानीय ब्रांड का नाम अंकित था। नकली मसालों में धनिया, गरम मसाला, लाल मिर्च पाउडर और हल्दी जैसे मसाले सम्मिलित थे। पुलिस द्वारा अब यह खोज की जा रही है कि वह किन-किन शहरों में इन मसालों को बेचता था।

वही मौके पर पहुंची टीम द्वारा मसाले जब्त करने के बाद उनके 27 सैंपल को जांच के लिए भेजा गया। तथा रिपोर्ट आने के बाद 2006 के खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत फैक्ट्री संचालक के खिलाफ केस दाखिल किया गया है।

पुलिस द्वारा यह जानकारी भी दी गई कि मसालों की थैलियों पर जिस ब्रांड का नाम अंकित था उसका अनूप के पास कोई भी लाइसेंस नहीं था। अनूप लाइसेंस लेने की कोशिश तो कर रहा था लेकिन पूरे दस्तावेज ना होने के कारण उसे वह मिल नहीं पाया। तथा जिस स्थान पर रहे फैक्ट्री चला रहा था वहां फैक्ट्री चलाने की इजाजत भी नहीं थी।

पुलिस ने यह भी बताया कि सीआरपीसी के 151 सेक्शन के तहत अनूप को हिरासत में लिया गया है। पुलिस जल्दी से जल्दी उसके द्वारा चलाए जा रहे सभी कामों की भी जांच करके फैक्ट्रियों को बंद करेगी।

मसालों के निर्माण में उपयोग की जाने वाली सभी सामग्री बहुत ही खतरनाक और जानलेवा साबित हो सकती है। पुलिस इस मामले की तह तक पहुंचने की पूरी कोशिश कर रही है।