ट्रंप का भारत दौराः 8 करोड़ लोगों की रोजी-रोटी पर संकट, मोदी सरकार के फैसले से 8 करोड़ लोगों को…

नई दिल्लीः 24 फरवरी को दो दिवसीय भारत दौरे पर आ रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आगरा जायेगे। आगरा दौरे के दौरान ट्रंप शाहजहां और मुमताज के प्यार पर आधारित शो ‘ताज-द मोहब्बत’ भी देखेंगे। उनके ठहरने का इंतजाम ताजमहल के पास ही होटल अमर विलास में किया गया है। बता दें 24 फरवरी को आ रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर कई बड़े समझौते हो सकते हैं।

लेकिन इस बीच दोनों देशों के बीच होने वाले व्यापारिक समझौते को लेकर जो खबरें आ रही हैं, वह देश की एक बहुत बड़ी आबादी के लिए चिंता पैदा करने वाली हैं। हलाकि इसी हफ्ते 13 फरवरी को यूएस के व्यापार प्रतिनिधि रॉबर्ट लेथाइजर भारत आने वाले थे, लेकिन उन्होंने अपना यह दौरा रद्द कर दिया था।

8 करोड़ लोगों की रोजी-रोटी पर संकट

दरअसल न्यूज एजेंसी रायटर्स की खबर के मुताबिक, मोदी सरकार अमेरिका को डेयरी और पोल्ट्री इंडस्ट्री में आयात की अनुमति के साथ बड़ी छूट का ऐलान कर सकती है। भारत ने ट्रंप के इस दौरे पर होने वाले संभावित ट्रेड डील के लिए अमेरिका को अपनी डेयरी और पोल्ट्री इंडस्ट्री में आयात पर बड़ी छूट देने का ऑफर दिया है।

ऐसे में अगर मोदी सरकार ट्रेड डील के लिए देश के डेयरी और पोल्ट्री उद्योग को अमेरिका के लिए खोलने का फैसला लेती है तो इसका सीधा असर देश के 8 करोड़ लोगों की आजीविका पर पड़ सकता है।

जनसत्ता की रिपोर्ट के अनुसार, मोदी सरकार ने अमेरिका के सामने डेयरी इंडस्ट्री में कदम रखने के लिए 5% टैरिफ और कोटा का ऑफर किया है। और अमेरिका के डेयरी प्रोडक्ट्स के आयात को भी मंजूरी दी जा सकती है। और साथ ही मोदी सरकार ने अमेरिका से चिकन के आयात पर भी टैक्स छूट का ऑफर दिया है। अब तक चिकन उत्पाद पर 100% TEX है, जिसे घटाकर 25% किया जा सकता है।

अमेरिका के साथ अगर यह समझौता होता है तो देश के डेयरी और पोल्ट्री इंडस्ट्री पर बहुत बुरा असर पड़ेगा। क्योकि भारत दुग्ध उत्पादन के मामले में दुनिया का सबसे बड़ा देश है। जिससे देश भर में दुग्ध उत्पादन से 8 करोड़ लोगों की आजीविका सीधे-सीधे जुड़ी हुई है, जिनमें अधिकतर ग्रामीण क्षेत्र के लोग हैं।

अगर मोदी सरकार अमेरिका को निर्यात पर कोई छूट देती है तो अमेरिका की बड़ी-बड़ी कंपनियां हावी हो जाएंगी और उनके सामने देश के छोटे मझौले किसान और दुग्ध उत्पादक बुरी तरह पिछड़ जाएंगे।

हालांकि कहा जा रहा है कि अभी तक मोदी सरकार अपने फैसले पर विचार कर रही है और कुछ भी अभी अंतिम तौर पर तय नहीं हुआ है।

Leave a Comment