बालिग लड़की अपनी मर्जी से किसी के भी साथ रहने के लिए आज़ाद है- हाई कोर्ट का अहम् फैसला

लड़की के परिजनों ने लड़के पर जो आरोप लगाये थे वह सभी आरोप कोर्ट में झूठे साबित हुए

दिल्ली: देशभर में इस समय लव जिहाद (Love Jihad) की चर्चा हो रही है, और अधिकतर मुस्लि’म समुदाय के नौजवानों का आरोप है कि वह गैर मुस्लिम लड़कियों को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन करवाते हैं, और इसके बाद उनसे शादी कर लेते हैं.

हाल ही में कई ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जिनमें संगठित रूप से लड़की के परिवार वालों ने लड़कों पर उनके परिवार की लड़कियों के अपहर’ण और जबरन शादी करने जैसे आरोप लगाए थे. यह सभी मामले एक एक करके अलग-अलग कोर्ट में झूठे साबित हो गए.

Ladke par jabarjasti shadi karne ka ilzam tha

एक के बाद एक कथित लव जिहाद के मामले झूठे साबित हो रहे हैं

ऐसा ही एक मामला आज दिल्ली हाईकोर्ट में सामने आया, आज तक कि ख़बर के मुताबिक अपने फैसले में दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि कोई भी महिला अपनी मर्जी से किसी के भी साथ रहने के लिए आजाद हैं, अगर वह बालिग है तो.

इसमें हुआ यह था की एक युवती के परिवार वालों ने कोर्ट में एक याचिका दायर की थी, जिसमें यह दावा किया था कि एक लड़के ने उनकी लड़की को अग’वा कर लिया गया है, और उसे बहला-फुसलाकर जबरन शादी कर ली.

हाई कोर्ट में याचिका दायर करने के बाद जाँच शुरू हुई, तो पता चला कि जो लड़की है वह 20 वर्ष की है. कानूनी रूप से लड़की बालिग हुई तो वह अपपनी मर्ज़ी की भी मालिक है.

लड़की के परिजनों के सभी आरोप झूठे साबित हुए

जबकि लड़की के परिवार वालों ने जब यह याचिका दायर की थी, उसके अनुसार उन्होंने बताया था कि उनकी लड़की 12 सितंबर 2020 से, घर से लापता है. इसमें उन्होंने किसी लड़के के बारे में भी श’क जताया था कि वह उस को बहला-फुसलाकर ले गया है, और लड़की की मर्जी के खिलाफ जाकर उसने शादी भी की है.

तब इसकी जांच पड़ताल की गयी तो पता चला कि यह आरोप सरासर गलत हैं, पूरी जांच के दौरान अधिकारी ने यह भी जाँच की के लड़की उसके साथ रहने में खुश है या नहीं.

जब संबंधित मामले में कोर्ट में लड़की ने आकर खुद बताया, कि वह अपनी मर्जी से अपने घर और परिवार को छोड़कर गई है. अपने मर्ज़ी से शादी करके किसी के साथ रह रही है, और इस तरह से कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए इस मामले को निपटाया.

दिल्ली हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि कोई भी लड़की या युवती अगर बालिग है तो वह अपनी मर्ज़ी से किसी के भी साथ रह सकती है, वह बालिग है और वह किसी के भी साथ शादी करने के लिए और रहने के लिए आज़ाद है. और इस तरह से इस याचिका का निपटारा किया गया.