आतिशबा’जी बेचने वाले मुस्लिम दुकानदारों को आ’ग लगाने की धम’की, ये है वजह

दीवाली का त्योहार करीब आता जा रहा है ऐसे में देशभर में पटा’खों की बिक्री भी शुरू हो चुकी है. वहीं कई जगहों पर पुलिस ने दबिश देकर अवै’ध तरीके से पटाखे बेच रहे लोगों पर कार्रवाई के भी कई मामले सामने आने लगे है. इसी बीच एक वीडियो भी सामने आया है जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. यहां कुछ क’ट्ट रपं#थी संगठन दुकानों पर पहुंचकर भड़का’ऊ दिखने वाली चीजों पर दुकानदारों को खुलेआ’म धम’का’ते नजर आ रहे है.

यह मामला मध्यप्रदेश के देवास से सामने आया है. यहां के एक संगठन के कुछ लोगों द्वारा मुस्लि म दुकानदार की दुकान में घुसकर उसे हिन्दू दे वी-देव ताओं की फोटो वाले पटा खें बेचने पर उसे धम’का ते नजर आए. यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

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वीडियो में देखा जा सकता है कि दुकान में घु सकर कुछ लोग दुकानदार को धम’का ते नजर आ रहे हैं. वीडियो में सुना जा सकता है कि यह लोग कह रहे है कि अगर हम आपके देवी-दे’व ताओं के साथ ऐसा कुछ करें तो क्या होगा.

इस पर दुकानदार ने कहा कि वो इस तरह के पटा’खे नहीं लेता है. साथ ही दुकानदार के साथ मौजूद एक श’ख्स ने कहा कि ऐसे पटा’खे हम नहीं बनाते हैं. यह पुरे देश मे कब से बिक रहे है, आपको आज ही पता चली?

इसके बाद लोगों ने दुकानदार से कहा कि आपको इस तरह के पटाखे नहीं खरीदना चाहिए. अगर यह ऐसा करेंगे तो मैं इन्हें परेशान कर दूंगा. मैं इसे वॉट्सऐप पर डालूंगा. वह लोग धम’की देते हुए कहा कि इस दुकान को आग लगा दूंगा. इसी बीच एक दूसरा आदमी कहता है कि दो मिनट लगेंगे, लाइसें’स निरस्त हो जाएगा. फिर मत बोलना कि हिंदु’ओं ने घर बैठा दिया.

वहीं सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद लोगों की प्रतिक्रि’या देखने को मिल रही है. लोग इस पर अपना गुस्सा जाहि’र करते हुए नजर आ रहे है.

फुजैल अहमद नाम के यूजर ने ट्विटर पर कहा कि भारत में ज्यादातर प’टा खे तमिलनाडु के शिवकाशी में बनाए जाते है. यही लोग प’टा खों पर भगवान की तस्वीर लगाते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे उनका व्यापार बढ़ जाएगा. दुकानदार का तो सिर्फ इतना ही दोष था कि वो मुसलमा’न था और उसने दा’ढ़ी बढ़ा रखी थी.

वहीं एक अन्य यूजर चारू गर्ग ने प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि यह काफी बुरा लग रहा है. एक गरीब दुकानदार को देखिए वह आपके पि ता की उम्र का नजर आ रहा है और अपना काम कर रहा है, यह गुं#डे लोग बेरोजगार है. यह लोग उत्पादकों के पास जाने की जगह दुकानदारों के पीछे हैं, क्योंकि ये लोग आसान निशाना हैं.

साभार- पंजाब केसरी