पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ ने किसान बिल पर जताया विरोध, कहा- शाबाश.. जिससे पूरे राष्ट्र को खिलाने की उम्मीद करते हैं उन्हें ही...

पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ ने किसान बिल पर जताया विरोध, कहा- शाबाश.. जिससे पूरे राष्ट्र को खिलाने की उम्मीद करते हैं उन्हें ही…

केंद्र सरकार के किसान बिल को लेकर देश भर में विरोध तेज होता जा रहा है. खासकर पंजाब और हरियाणा में किसानों का विरोध काफी ज्यादा देखने को मिल रहा है. इस बिल के विरोध में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की सहयोगी अकाली दल की मंत्री हरसिमरत कौर ने नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है. किसानों में बिल को लेकर डर बना हुआ है कि नए कानून से उन्हें फसलों पर मिलने वाला न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं मिल सकेगा.

अब इस मामले को लेकर पंजाब के मशहूर सिंगर दिलजीत दोसांझ ने भी अपना विरोध दर्ज कराया है. उन्होंने इस नए किसान बिल को लेकर ट्वीट किया है जो खूब सुर्खियां बटोर रहा है.

सिंगर दिलजीत दोसांझ ने अपने ट्वीट में लिखा कि किसान ही अपनी फसल का मूल्य तय नहीं कर पाएंगे. जिनसे हम पूरे राष्ट्र को रोटी देने की उम्मीद रखते हैं, वही इसका मूल्य तय नहीं कर सकते हैं.

सिंगर का यह ट्वीट काफी चर्चा में है. उनके ट्वीट पर बड़ी तादात में सोशल मीडिया यूजर की प्रतिक्रिया भी देखने को मिल रही है. एक यूजर ने दिलजीत दोसांझ से सवाल किया कि क्या आप ये बता सकते हैं कि इस बिल में क्या चीज किसानों के विरोध में है. मुझे नहीं लगता कि पूरा विधेयक ही किसानों के विरुद्ध है. इसलिए झूठी खबरें न फैलाएं.

जिस पर जवाब देते हुए दिलजीत दोसांझ ने लिखा कि किसान इसका मूल्य तय नहीं कर सकते है. कोई न्यूनतम मूल्य यहां तय नहीं होगा. किसानों के पास अपनी फसलों को रखने के लिए गोदाम नहीं हैं, इसलिए यह मायने नहीं रखता कि उनके पास कितनी सीमा है. किसानों से हम उम्मीद रखते है पूरे देश को खिलाने की, लेकिन वो खुद मूल्य भी नहीं तय कर सकते हैं. शाबाश.

आपको बता दें कि गुरुवार 17 सितम्बर को लोकसभा से दो किसान बिल केंद्र सरकार द्वारा पारित कराए गए है. इसके साथ ही अब एनडीए गठबंधन में फूट पड़ गई है. भाजपा की सहयोगी और पंजाब में जमीनी पकड़ रखने वाली शिरोमणि अकाली दल की नेता और केंद्र सरकार में मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने मंत्री पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.

लेकिन उनकी पार्टी ने भारतीय जतना पार्टी से से समर्थन वापस लेने को लेकर अभी तक कोई फैसला नहीं किया है. बताया जा रहा है कि हरसिमरत ने यह कदम किसान बिल के विरोध में उठाया है क्योंकि इस बिल के खिलाफ पंजाब और हरियाणा के किसान पुरजोर विरोध कर रहे हैं.