WHO Advice: खांसी और बुखार में गलती से भी ना करें इस दवाई का इस्तेमाल

नई दिल्लीः चीन के वुहान से शुरू हुए कोरोना वायरस ने दुनियाभर में कोहराम मचा रखा है। भारत में भी हर दिन के साथ इसके मरीज की संख्या बढ़ती जा रही है। और इसमें मौत के आंकड़े भी बढ़ते जा रहे हैं. इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च के मुताबिक कोरोना वायरस का संक्रमण भारत में दूसरे स्तर पर है. दरअसल ये संक्रमण फ़िलहाल उन्हीं लोगों तक फैला है जो संक्रमण वाले देशों से भारत आए या फिर उन लोगों में फैला जो संक्रमित लोगों के संपर्क में आए है।

आपको बता दें कोरोना वायरस का अभी तक कोई इलाज नहीं मिल पाया है. दुनिया भर के देश के डॉक्टर्स इसका इलाज ढूंढने में जुटे हैं. लेकिन अभी तक इसका कोई सटीक टीका नहीं मिल पाया है। वहीं दुनियाभर के अस्पतालों में इस की संख्या तकरीबन 2 लाख तक पहुंच गई है जिनका इलाज चल रहा है।

इन सबके बीच फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जिन लोगों में कोरोना वायरस के लक्षण हो वो आई-ब्रूफेन (Ibuprofen) के इस्तेमाल से बचें ऐसे लोगों को आई-ब्रूफेन की जगह पेरासिटामोल लेना चाहिए।

बता दें फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्री के इस दावे का विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी समर्थन किया है. हालांकि डब्ल्यू के विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में वो आगे भी निर्देश जारी करते रहेंगे। WHO के एक एक्सपर्ट ने कहा, यदि खुद दवा ले रहे हों तो हम सलाह देंगे कि आई-ब्रूफेन का नहीं पेरासिटामोल का इस्तेमाल करें।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि आई-ब्रूफेन लेने की सलाह डॉक्टर ने दी है तो यह उनपर निर्भर है. हलाकि इसको लेकर मेडकिल जर्नल के ताजा प्रकाशित एक अंक में एक रिसर्च के हवाले से दावा किया गया है कि एंटी-इंफ्लेमेट’री ड्र’ग्स जैसे आई ब्रूफेन से बढ़ने वाला एक एंजाइम कोविड 19 संक्रमण को बढ़ा सकता है।

जिसके बाद फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोविड 19 के संभावित मरीज इस दवा का इस्तेमाल ना करें। यह दवा बुखार, दर्द या सूजन में लोग काउंटर से खरीदकर लेते हैं। यदि बुखार हो तो पेराशिटामोल लें।

बता दें कि कोविड 19 की महामा’री से दुनिया परेशान है. और इससे दुनियाभर में 2 लाख से ज्यादा लोग इससे संक्रमित हैं जबकि 8 हजार से भी ज्यादा लोगों की मौ’त हो चुकी है।

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