लोकसभा चुनाव 2019: पहले चरण के चुनाव में EVM में गड़बड़ी को लेकर विपक्ष ने बोला बड़ा हमला, एकजुट होकर किया ये ऐलान

इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन का मुद्दा एक बार फिर से चर्चा में आ गया है. विपक्ष ने एकजुट होकर एक बार फिर से ईवीएम को निशाना बनाना शुरू कर दिया है. विपक्ष लगातार ईवीएम की जगह पर बैलट पेपर से चुनाव कराने की मांग कर रहा हैं. रविवार को विपक्ष ने संयुक्त रूप से एक प्रेस कांफ्रेस करके ईवीएम को निशाना बनाया.

लोकसभा चुनाव 2019 के पहले चरण के लिए 11 अप्रैल को वोटिंग हुई थी. लोकसभा चुनाव के पहले चरण में 20 राज्यों की 91 लोकसभा सीटों और चार राज्यों की विधानसभा सीटों पर सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो गया. 91 लोकसभा सीटों पर कुल 1279 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं.

लेकिन कुछ ही समय बाद ईवीएम में दिक्कतों का सामना किया जाने लगा था. आंध्र प्रदेश में कथित तौर पर सैकड़ों EVM काम नहीं करने के चलते घंटों तक मतदान ठप रहा था. आंध्र प्रदेश के आलावा यूपी में भी कई सीटों पर ईवीएम ख़राब हुई थी.

इसी को लेकर पहले चरण के मतदान के दो दिन बाद रविवार दोपहर में करीब 20 दलों ने एक साथ ईवीएम में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया. सभी ने संयुक्त बैठक करने के बाद कहा कि कम से कम 50 प्रतिशत मतदान पर्चियों का मिलान ईवीएम से होना चाहिए.

उन्होंने कहा कि वह अपनी इस मांग को लेकर एक बार फिर से सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे. इसके साथ ही विपक्ष ने चुनाव आयोग से देश भर में होने वाले सभी चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाने की मांग भी की थी. लेकिन लोकसभा चुनाव जारी है ऐसे में इतने कम सयम में इसकी व्यवस्था नहीं की जा सकती है.

इसी को देखते हुए विपक्ष ने कहा कि इस चुनाव में चुनाव आयोग द्वारा कम से कम 50 फीसदी मतदान पर्चियों का मिलान करने की व्यवस्था लागु की जानी चाहिए. आंध्र प्रदेश के सीएम और टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि हम ईवीएम को लेकर संदेह जाता रहे है.