किसान आन्दोलन: ‘मोदी सरकार के पास ये अंतिम मौका’, सरकार से वार्ता शुरू होने से पहले किसानों की दो टूक

किसान आन्दोलन (Farmer's Protest) 5 दिसंबर को देश के सभी गाँवों में किसान पीएम मोदी, अंबानी-अडानी का पुतला फूँकने जा रहे हैं।

नई दिल्ली, 03 दिसंबर 2020: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा लाये गए तीन कृषि कानूनों के ख़िलाफ़ दिल्ली से लेकर पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश सहित देश के अन्य राज्यों के किसानों का आंदोलन बड़ा रूप लेता जा रहा है। अब किसानों ने इस आंदोलन को देशव्यापी बनाने का ऐलान किया है। इसके तहत 5 दिसंबर को पूरे देश में मोदी सरकार और अडानी-अंबानी समेत कॉरपोरेट कंपनियों के पुतले फुके जायेगा।

आपको बता दें दिल्ली घेर कर बैठे किसान संगठन जहां एक तरफ किसान विरोधी कानून वापस करवाने के लिए दिल्ली की सीमाओं पर डटे हुए हैं। वही दूसरी तरफ आंदोलन कर रहे किसानों की केंद्र सरकार ने किसी भी शर्त को मानने से इनकार कर दिया है। वही किसान संगठनो ने कहा है कि कृषि क़ानूनों के रद्द होने से कम उन्हें कुछ भी स्वीकर नहीं है।

Ambani Adani

गौरतलब है की, 1 दिसंबर को हुई वार्ता के बेनतीजा होने के बाद सरकार और किसानों के बीच 3 दिसंबर को फिर बातचीत होनी है। बता दें सिंघु बार्डर पर हुई प्रेस कान्फ्रेंस में किसान संगठनों ने अपनी रणनीति का खुलासा किया। उन्होंने कहा की गुरुवार को होने वाली बैठक में सभी किसान संगठनों के प्रतिनिधि को बातचीत में शामिल किया जायेगा।

उन्होंने कहा की अगर सरकार ने उनकी माँगें न मानी तो आंदोलन को और तेज़ किया जायेगा। सरकार की अगर नीयत ठीक है तो वह एमएसपी को वैधानिक बनाये। आपको बता दें संयुक्त किसान मोर्चा ने ऐलान करते हुए कहा है कि, अगली होने वाली बैठक में किसान नेता द्वारा कृषि कानूनों की खामियों बिंदुवार सरकार के सामने रखेंगे।

 

उन्होंने कहा की सबसे महत्वपूर्ण 5 दिसंबर को देश के सभी गाँवों में पीएम नरेंद्र मोदी, मुकेश अम्बानी और गौतम अडानी के पुतले फुके जाएंगे। और इसी लिए पूरे देश की निगाहें गुरुवार को सरकार के साथ किसानों की होने वाली बैठक पर हैं।

वही संयुक्त किसान मोर्चा ने ऐलान करते हुए कहा है कि, 7 दिसंबर को राष्ट्रीय सम्मान से विभूषित कलाकार और खिलाड़ी किसानों पर दमन के खिलाफ़ अपना सम्मान वापस करेंगे। उन्होंने कहा की देश भर के सम्मानित विभूतियों का आ’ह्वा’न किया कि वे सरकार को अपना सम्मान वापस कर दें।