VIDEO: CAA को लेकर मोदी सरकार पर बिफरे पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, कहा- मनमानी करने वाली सरकारों को सबक…

हमारे देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने सरकार को आगाह किया है. कि बहुमत का मतलब, सबको साथ लेकर चलना होता है. अपनी मनमानी करने वाली पार्टी को, जनता अगली बार नकार देती है. प्रणब मुखर्जी ने कहा कि 1952 से लोगों ने अब तक देश की अलग-अलग पार्टियों को एक मजबूत जनादेश दिया. लेकिन इसके बावजूद भी आज तक कभी कोई पार्टी 50 फ़ीसदी से ज्यादा वोट हासिल नहीं कर पाई है.

अगर आप ‘सबका साथ सबका विकास’ करने की बात करते हैं, तो इसका मतलब यह नहीं कि आप एक वर्ग विशेष को नकार कर उसको अलग कर देंगे. चुनाव में बहुमत का मतलब होता है कि आपको एक स्थिर सरकार बनाने का अधिकार दिया गया है, न की मनमानी करने का.

Pranav Mukherji CAA or NRC par bole

देश के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने यह बात, ‘प्रणब मुखर्जी फाउंडेशन’ द्वारा आयोजित किए गए ‘अटल बिहारी वाजपेई’ स्मृति कार्यक्रम में कही. प्रणब मुखर्जी ने सत्तारूढ़ दलों को भी बहुसंख्यकवाद के खिला’फ आगाह किया है.

इसके अलावा उन्होंने लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जाने को लेकर भी, उसको कोई ना कोई संदेह की आशंका जताई है.

साथ ही यह भी कहा कि इस बात की इस बाय की कोई गारंटी नहीं है कि, अगर जनता ने किसी पार्टी को बहुमत दे दिया है तो वो हमेशा बरकरार रहेगा.

पूर्व राष्ट्रपति ‘प्रणब मुखर्जी’ ने लोकसभा की सीटें बढ़ाने को लेकर भी अपनी मंशा ज़ाहिर की है. आपको बता दें कि फिलहाल लोकसभा की सीटें 543 हैं. जिसको बढ़ाकर 1000 करने की बात कही.

आपको बता दें, ‘पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी’ साल 2012 से 2017 तक भारत के राष्ट्रपति रहे हैं. आपने नया संसद भवन बनाए जाने के पीछे भी अपनी हैरानी जताई है.

‘प्रणब मुखर्जी’ ने कहा है कि मुझे यह समझ नहीं आता कि नए संसद भवन को बनाने से, संसदीय व्यवस्था और कामकाज में कैसे सुधार होगा ये समझ से परे है.