मुझे पता था, कश्मीर में कभी आर्टिकल 370 हटा, तो ये काम बीजेपी ही करेगी- गुलाम नबी आजाद

दिल्ली: राज्यसभा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, गुलाम नबी आजाद ने अपने राज्य सभा कार्यकाल के आखिरी दिन के विदाई भाषण में प्रधानमंत्री मोदी समेत, राज्यसभा के तमाम सदस्यों जिनमें सभी पार्टियों के नेता शामिल थे. उन सभी लोगों को दिल से शुक्रगुजार कहा.

हालांकि उनके भाषण देने के कुछ देर पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘गुलाम नबी आजाद’ के बारे में बड़ा भावुक होते हुए कुछ बातें कहीं, और अपनी दोस्ती के उस दौर को याद किया जब गुलाम नबी आजाद जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री थे. तब इधर आज के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी उधर गुजरात के मुख्यमंत्री थे.

गुलाम नबी आज़ाद की तारीफ़ करते नही थक रहे थे मोदी

Ghulam nabi azaad on article 370

उन्होंने बताया, तब किस तरह से गुलाम नबी आजाद ने आ’तंकवादी हम’ले के शिका’र हुए गुजरात के लोगों की मदद की थी. और उनका इस तरह से ख्याल रखा था जैसे कि वे लोग उनके परिवार के लोग हैं, और इस बात को बताते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आंखों में आंसू आ गए थे जो आपने वीडियो में देखा होगा.

गुलाम नबी आजाद की राज्यसभा से विदाई के बाद, अटकलें लगाई जाने लगी कि जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत सत्ताधारी पार्टी के दूसरे नेताओं ने जिस तरह से कांग्रेस के दिग्गज नेता गुलाम नबी आजाद की तारीफ में कसीदे पढ़े, तो मीडिया वालों को लगा जैसे क्या यह कांग्रेस छोड़कर बीजेपी को ज्वाइन करने वाले हैं?

सदन में सभी नेताओं की तारीफ़ की जब गुलाम नबी आजाद ने

और इस बात को और भी ज्यादा बल तब मिल गया, जब गुलाम नबी आजाद के मुंह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की तारीफ सुनी जाने लगी. मीडिया का क्या है, यह तो कुछ भी अटकलें लगाने लगती है.

लेकिन हाल ही में मीडिया ने जब गुलाम नबी आज़ाद का एक इंटरव्यू लिया, जिसमें उनसे जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बारे में सवाल पूछा. तो उन्होंने कहा कि मुझे इस तरह की उम्मीद नहीं थी कि मोदी सरकार इतनी जल्दी आर्टिकल 370 को हटा देंगे.

गुलाम नबी आजाद जानते थे धारा 370 बीजेपी ही हटा सकती है

हालांकि यह बात मुझे काफी पहले से पता थी, कि अगर जम्मू कश्मीर से कभी आर्टिकल 370 हटा तो वो बीजेपी की सरकार ही हटा पाएगी और दूसरी कोई पार्टी नहीं.

उन्होंने कांग्रेस और गांधी परिवार के संबंधों का भी जिक्र किया, तब उन्होंने बताया कि कांग्रेस से गांधी परिवार को कोई अलग नहीं कर सकता, क्योंकि कांग्रेस का भविष्य बिना गांधी परिवार के एक तरह से अधूरा है. इसलिए बिना गांधी परिवार के कांग्रेस का होना कोई मायने नहीं रखता.

राहुल गाँधी और सोनिया गाँधी दोनों ही कांग्रेस पार्टी के लिए एक दूसरे के पूरक हैं, और उन्हें किसी तरह के पड़ का कोई लोभ नही है. आज नहीं तो कल यह देश के लोगों को अच्छी तरह से समझ आ जायेगा कि राहुल कैसे व्यक्तित्व के व्यक्ति हैं.

दिल्ली (नोएडा) के रहने वाले ज़ुबैर शैख़, पिछले 10 वर्षों से भारतीय राजनीती पर स्वतंत्र पत्रकार और लेखक के तौर पर कई न्यूज़ पोर्टल और दैनिक अख़बारों के लिए कार्य करते हैं।