NRC पर आई बड़ी खबर, सरकार फिलहाल के लिए NRC को ठंडे बस्ते में डाल सकती है

NRC पर आई बड़ी खबर, सरकार फिलहाल के लिए NRC को ठंडे बस्ते में डाल सकती है

नई दिल्ली: देश भर में पिछले कुछ दिनों से, नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और NRC के खिलाफ प्रोटेस्ट चल रहा है. भारत के कई राज्यों से व्यापक स्तर पर विरो’ध और प्रदर्शन जारी हैं. NDTV न्यूज़ के मुताबिक सरकार ने कुछ इस तरह का इशारा किया है, जिससे उनको लगता है कि अभी के लिए एनआरसी को ठंडे बस्ते में डाला जा सकता है. यह जानकारी एनडीटीवी के एक रिपोर्टर अखिलेश शर्मा द्वारा दी गयी है.

दरअसल देश में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देश के पूर्वोत्तर राज्यों में सबसे पहले बड़े स्तर के धरने और प्रदर्शन हुए थे. इसके बाद वे प्रदर्शन धीरे-धीरे दिल्ली की जामिया मिल्लिया विश्विद्यालय से होकर एनी कई राज्यों में फ़ैल गए.

NRC Kanoon ko lekar badi khabar

CAA और NRC के खिलाफ हो रहे इन प्रदर्शनों में काफी बड़े पैमाने पर सरकारी और निजी संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा है. एनडीटीवी रिपोर्टर अखिलेश शर्मा के ट्विटर हेंडल से कुछ ट्वीट साझा किये गए हैं.

इन ट्वीट में वे ये दावा करते दिखाई दे रहे हैं कि एक सरकारी विज्ञापन में सरकार की तरफ से साफ-साफ कहा गया है कि, “अगर कभी इसकी (एनआरसी) घोषणा की जाती है, तो ऐसी स्थिति में नियम और निर्देश ऐसे बनाए जाएंगे ताकि किसी भी भारतीय नागरिक को परेशानी न हो.

इस तरह से ये माना जा सकता है कि सरकार फिलहाल एनारसी को लागू करने के लिए जल्दबाजी के मूड में नहीं दिखती.

इनके अलावा भी एनडीटीवी के रिपोर्टर अखिलेश जी द्वारा कुछ और भी ट्वीट शेयर किये गए हैं. इनको अप नीचे देख सकते हैं.

रिपोर्टर ने सरकार द्वारा जारी किये गए कुछ तथ्यों की, पेपर कटिंग को भी साझा किया है. वो नीचे आप देख सकते हैं.

दिल्ली में इस नए नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शनकारियों की तादाद बढ़ती ही जा रही है. शायद कल और भी बड़ा प्रदर्शन देखने को मिल सकता है. आज धारा 144 लगी होने के बावजूद भी लोगों ने दिल्ली और लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश के दुसरे हिस्सों में प्रदर्शन किया.

इधर दिल्ली में ये हालात है कि तकरीबन 20 मेट्रो स्टेशन बंद पड़े हुए हैं. देश भर में जारी प्रदर्शनों के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने कुछ अधिकारियों की आपातकालीन बैठक बुलाई है.

सूत्रों के अनुसार खबर है कि उत्तर प्रदेश के लखनऊ में हुई आज की हिं’सा को लेकर सरकार बहुत चिंता में हैं. इस बैठक में अधिकारियों के अनुसार गृह मंत्री अमित शाह, देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, भारत के केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किशन रेड्डी और केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला शामिल हो सकते हैं.

इस बैठक में सुरक्षा व्यवस्था और मौजूदा हालात को लेकर चर्चा होने वाली है.

गृहमंत्री ने कहा, CAA नहीं होगा वापस

नागरिकता संशोधन बिल (Citizenship Amendment Bill) को लोकसभा में 9 दिसंबर, 2019 को पास कर दिया गया था. इसके बाद यह 11 दिसंबर, 2019 को राज्यसभा में पेश किया गया था. जहाँ यह बिल एक लंबी बहस के बाद पास हो सका था.

इसके बाद राष्ट्रपति के हस्ताक्षर हुए, और फिर यह नागरिकता संशोधन कानून बन गया था. जिसके बाद देश के पूर्वोत्तर राज्यों समेत भारत के कई राज्यों में इस कानून के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन तेज़ हो गए.

हालांकि गृहमंत्री अमित शाह ने यह पहले ही साफ कर दिया है कि इस नागरिकता कानून का चाहे कितना भी विरो’ध हो, यह कानून वापस नहीं लिया जाएगा.

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