शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों के सामने झुकी मोदी सरकार? प्रदर्शनकारियों से बात करने को तैयार, पर रखी ये शर्त

नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन कानून के विरोध को लेकर पिछले दो महीने से ज्यादा समय से दिल्ली के शाहीन बाग में चल रहे धरना प्रदर्शन को खत्म करने के लिए केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बातचीत की पहल की है। रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि सरकार नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ शाहीन बाग में प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों से बात करने के लिए तैयार है।

कानून मंत्री ने शनिवार सुबह (1 फरवरी 2020) को ट्वीट कर कहा, वह युवाओं, महिलाओं और देश के हर नागरिक से बात करने को तैयार हैं। शाहीनबाग के हर प्रदर्शनकारियों से बात करने के लिए तैयार है, यह बातचीत संरचनात्मक रूप में होनी चाहिए और नरेंद्र मोदी की सरकार उनसे संवाद करने तथा सीएए के खिलाफ उनके सभी संदेह दूर करने के लिए तैयार है।

सरकार शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों से बात करने को तैयार

आपको बता दें देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के बताते चले कि राष्ट्रीय राजधानी के शाहीन बाग में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों के बीच दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) रणबीर सिंह ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर हालात तथा तैयारियों का जायजा लेने के लिए शुक्रवार को शाहीन बाग का दौरा किया।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी रणबीर सिंह ने कहा कि क्षेत्र में जिस जगह आठ फरवरी को चुनावी गतिविधियां होनी हैं वहां किसी प्रकार की कोई बाधा नहीं है। उन्होंने कहा कि चुनाव तंत्र अतिरिक्त चौकन्ना हैं और राष्ट्रीय राजधानी में हर वक्त हालात का आकलन कर रहा है।

हलाकि इससे पहले शुक्रवार 31 जनवरी को केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने ट्वीट कर कहा कि वह बातचीत जरूर करेंगे लेकिन पहले प्रदर्शनकारियों को अपना आंदोलन बंद करना होगा। उन्हें सरकार के पास आकर बातचीत करनी होगी। कहा कि जब तक आप आंदोलन बंद नहीं करेंगे तब तक कोई बातचीत नहीं की जाएगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह एक रूपरेखा के तहत विरोध करने वालों से बातचीत करेंगे। उनकी सभी शंकाएं दूर करेंगे। उनके मन में कानून को लेकर जो भी आशंकाएं या भ्रम हैं, उसको साफ करना चाहते हैं। इसके लिए दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर आना चाहिए। सड़क पर आंदोलन करने से समस्या का कोई समाधान नहीं होगा।

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