VIDEO:- अशोक गहलोत ने दी राज्यपाल को खुली चेतावनी, बोले- अगर जनता कर ले राजभवन घेराव तो मेरी जिम्मेदारी नहीं

मध्यप्रदेश के बाद अब राजस्थान कांग्रेस को भी पिछले काफी समय से तोड़ने की कोशिशें जारी हैं. बाहरी ताकतें राजस्थान कांग्रेस को का’टकर सूबे की कांग्रेस सरकार की जड़ें हिलाना चाहती हैं. लेकिन सूबे के सीएम अशोक गहलोत अपनी कुर्सी बचाने में पूरा जोर लगा रहे हैं. सूबे में चल रहा यह सियासी घ’मासा न अब और तीखा होता जा रहा हैं. गहलोत के अनुसार राजस्थान की राजनीति में नंगा नाच शुरू हो गया हैं.

सीएम अशोक गहलोत ने विधानसभा का सत्र बुलाने की मांग राज्यपाल से की हैं लेकिन राज्यपाल इसके लिए तैयारी नहीं हो रहे हैं. इसे लेकर सीएम ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सूबे की राजनीति का नं’गा ना’च शुरू हो चूका हैं. अब इस नं’गा ना’च में बीजेपी और केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्यपाल कलराज मिश्रा भी खुल कर शामिल हो गए हैं.

दरअसल राज्यपाल मुख्यमंत्री के आवेदन के बाद भी विधानसभा का सत्र बुलाने के लिए तैयार नहीं है. ऐसे में अशोक गहलोत ने उन्हें कड़े शब्दों में चे’ताव’नी दे डाली हैं. गहलोत ने कहा कि ह’मने कल राज्यपाल के सामने सत्र बुलाने की मांग रखी थी लेकिन उनकी तरफ से अभी तक कोई जवाब नहीं आया हैं.

गहलोत ने बीजेपी और केंद्र सरकार पर निशाना सधाते हुए कहा कि ऐसा लग रहा है कि उनके ऊपर कोई दबाव है. मैंने उनसे टेलीफोन पर बात करते हुए कहा कि आप एक संवैधानिक पद पर बैठे है उसकी गरिमा है. कृपा करके जल्द से जल्द अपना फैसला करें.

सीएम ने कहा कि हम विधानसभा सत्र बुलाना चाहते हैं ताकि पूरा देश-प्रदेश देखें, बहस हो इस मामले को लेकर जिससे दूध का दूध पानी का पानी हो सके. हमारे पास स्पष्ट बहुमत है. बता दें कि सत्र बुलाने की मांग को लेकर अभी कांग्रेस के सभी विधायक और सीएम राजभवन में धरने पर बैठे हुए हैं.

सीएम ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी की देखरेख में ह’मारे साथी बंधक बनाए गए हैं. सूबे की जनता कांग्रेस के साथ खड़ी हैं. इस समय कोरोना से लोगों को बचाने की चुनौती हैं, हमने इसे लेकर शानदार मैनेजमेंट किया है. पूरे देश में हमारी तारीफ की जा रही हैं. लेकिन ऐसे माहौल में भी सरकार गिराने की साजिश रची जा रही हैं.

उन्होंने आगे कहा कि बीजेपी लोकतंत्र को ख’तरे में डाल रही है. वो सरकारी एंजेंसियों का उपयोग करके छापे डलवा रही हैं. ऐसा नं’गा ना’च कभी नहीं देखा है. उन्होंने चे’ताव’नी देते हुए कहा कि अगर राज्यपाल अपनी शपथ के अनुसार काम नहीं करती हैं तो सूबे की जनता राजभवन को घेर लेगी फिर इसके लिए हम जिम्मेदार नहीं होगें.