ख़बर अच्छी है: गुजरात का यह किसान कांट्रैक्ट फार्मिंग से ऐसे कमाता है 25 लाख रुपए सालाना

कांट्रैक्ट फार्मिंग के ज़रिये खेती करके गुजरात के हज़ारों किसान कई सालों से लाखों रुपए मुनाफ़ा कमा रहे हैं

गुजरात: देशभर में किसान आंदोलन को चलते हुए महीना भर हो गया है देशभर के किसान केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों के खिलाफ आ’पत्ति जता रहे हैं उनका कहना है कि इन कानूनों से किसानों की आय कम हो जाएगी वहीं सरकार का कहना है कि यह कानून किसानों की आय में वृद्धि करेंगे जिससे किसान सशक्त होंगे.

बता दें कि तीनों कृषि कानूनों में अलग-अलग प्रावधान दिए गए हैं जिनमें एक में कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग यानी कि अनुबंध खेती की व्यवस्था की गई है। जिसके तहत किसान अपनी फसल का सीधे व्यापारी से समझौता कर सकता है यानी किसान अपनी फसल को एपीएमसी(APMC) मंडियों में ना बेचकर सीधे व्यापारी तक पहुंचा सकता है.

Gujarat farmer earns 25 lakh rupees annually from contract farming

कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के जरिए किसानों को फसल का बेहतर दाम मिलेगा- भारत सरकार

ऐसे में सरकार का कहना है कि कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के जरिए किसानों को उनकी फसल का बेहतर दाम मिलेगा वहीं किसानों का मानना है कि कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के जरिए किसान व्यापारियों के नीचे दब जाएंगे जो भी दाम व्यापारी तय करेगा वह उसे लेना पड़ेगा लेकिन इसकी वास्तविक सच्चाई क्या है वह कांट्रैक्ट फार्मिंग से ही समझ सकते हैं.

ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं ऐसे एक किसान की कहानी जो कि कांट्रैक्ट फार्मिंग को बरसों से अपना रहे हैं और यही नहीं कि वह सिर्फ कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग को अपना रहे हैं बल्कि उससे काफी फायदा भी उठा रहे हैं.

बता दें कि गुजरात के बनासकांठा गांव के लोग काफी समय से कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग को अपना रहे हैं उन्हीं में से एक है कुंभलमेर गांव के रहने वाले गणेश भाई पटेल जिन्होंने कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के जरिए अपनी फसल को खूब ऊंचे दामों में बेचकर लाभ कमाया है.

पिछले 8 सालों से आलू की खेती (कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग) करते हैं ये गुजराती किसान भाई

गणेश भाई पटेल 100 बीघा जमीन के मालिक हैं जिस पर वे आलू की खेती करते हैं गणेश भाई पटेल ने पिछले 8 वर्षों से हाईफन कंपनी के साथ कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग कर रहे हैं.

Farmer earns 25 lakh rupees annually from contract farming

गणेश भाई पटेल हर वर्ष हाईफन कंपनी के साथ कॉन्ट्रैक्ट करते हैं जिसके बाद उन्हें कंपनी द्वारा भुगतान किया जाता है. पिछले 8 वर्षों से कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग कर रहे गणेश भाई पटेल कहते हैं कि

“हर साल हाईफन कंपनी के साथ कॉन्ट्रैक्ट साइन करते हैं हाईफन कंपनी कॉन्ट्रैक्ट साइन हो जाने के बाद अच्छी पैदावार के लिए उन्हें अच्छे बीज भी मुहैया करवाती है और फसल तैयार हो जाने के बाद उसे बेचने ले जाने की भी जरूरत नहीं है कंपनी खुद आती है और स्वयं फसल उठा ले जाती है”।

यही नहीं गणेश भाई पटेल आगे कहते हैं कि कंपनी के फसल ले जाने के बाद 15 दिनों के अंदर खाते में पैसे आ जाते हैं.

वे कहते हैं कि एक बार कंपनी से कॉन्ट्रैक्ट साइन हो जाने के बाद बाजार में फसल की कीमत कम या ज्यादा होने की भी चिंता नहीं होती है क्योंकि उन्हें कंपनी से एक निश्चित राशि मिलना तय होती है.

25 लाख रुपये तक हो जाती है हर साल कमाई

बता दें कि कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के जरिए गणेश भाई पटेल सालाना 25 लाख रुपये तक कमाते हैं। वहीं हाईफन कंपनी के फील्ड एग्जीक्यूटिव दिनेश माली कहते हैं कि यह सिर्फ एक किसान गणेश भाई पटेल की ही कहानी नहीं है बल्कि बनासकांठा के 1400 से ज्यादा किसान हाईफन कंपनी के साथ कॉन्ट्रैक्ट खेती कर रहे हैं।

इससे हर साल 2. 5 करोड़ आलू की पैदावार होती है जिससे किसानों को कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के तहत निश्चित राशि मिलना तय होता है। यही नहीं कंपनी उन्हें फसल उत्पादन की जरूरी सलाह और सहायता भी उपलब्ध करवाती है।