गुजरात: भाजपा विधायक जी ने कराया तैराकी प्रतियोगिता की आयोजित फिर हुआ, यह दिल दहला देने वाला हादसा….पढ़े ख़बर

देश के कई राज्यों के कई जिलें इन दिनों भारी बारिश के चलते बाढ़ जैसे हालातों से जूझ रहे हैं. गुजरात के कच्छ में भी ऐसे ही हालात बने हुए हैं. सोमवार को कच्छ के मुंद्रा में पिछले 15 साल में पहली बार जोरदार बारिश देखने को मिली. बारिश से मुंद्रा का जेरामसर तालाब ऊपर तक भर गया. लंबे अरसे से पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे लोगों के लिए यह बारिश किसी शानदार उत्साह से कम नहीं है,

इसी उत्साह में स्थानीय लोगों ने पानी से भरे तालाब पर पूजा-पाठ का कार्यक्रम रखा. यह कार्यक्रम बीजेपी विधायक वीरेंद्र सिंह जडेजा और मुंद्रा गांव के बीजेपी सरपंच धर्मेंद्र जेसर की मौजूदगी में आयोजित किया गया था.

कोरोना काल में हुए इस आयोजन में सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ाई, बात यहां तक नहीं रही. मामला तब गंभीर हो गया जब एक युवक की डूबने के चलते मौ’त  हो गई.

दरअसल इस कार्यक्रम के दौरान अचानक एक प्रतियोगिता करने की घोषणा कर दी गई. प्रतियोगिता रखी गई कि बीजेपी विधायक जडेजा तालाब में एक नारियल फेंकेगे और जो भी इस नारियल को तैरकर बाहर निकालकर लगाएगा उसे इनाम दिया जाएगा.

इसके बाद जैसे ही विधायक ने तालाब में नारियल फेंका, चार युवाओं ने पानी में छलांग लगा दी. लेकिन तालाब पूरी तरह भरा था जिसे देखने हुए डॉ युवक थोड़ी दूर से ही वापस लौट आए.

जबकि दो युवा आगे जाने लगे. लेकिन कुछ ही दुरी तय करने के बाद एक और युवक भी वापस लौट आया. जबकि चौथा और आगे चला गया. इसके बाद वह चौथा युवक पानी में डूबने लगा.

जब युवक डूबने लगा तो उसने मदद की गुहार लगाई लेकिन बिना किसी सुरक्षा-व्यवस्था के आयोजित किये गए इस कार्यक्रम में लापरवाहियों के चलते बड़ा हादसा हो गया. लोग युवक को बचाने के लिए कुछ कर पाते उससे पहले ही वो डूब गया.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शक्ति सिंह गोहिल ने एक ट्वीट ने कहा कि कच्छ के मुंद्रा जिले में तालाब से नारियल निकालने की प्रतियोगिता किसी भी तरह की सावधानी के बिना की गई जिसके चलते एक युवक की मौ’त हो गई. इस मामले की जांच सीएम विजय रूपाणी जी जल्द से जल्द कराए.

वहीं युवक की मौ’त के बाद कार्यक्रम विवादों में आ गया है और सवाल उठ रहे है कि कोरोना संक’ट के बीच इस तरह के आयोजन की अनुमति किसने द्वारा दी गई? साथ ही बीजेपी विधायक वीरेंद्र सिंह जडेजा और सरपंच धर्मेंद्र जेसर इस दौरान बिना मास्क के भीड़ में मौजूद थे, क्या बीजेपी सरकार उन पर भी कार्रवाई करेगी?