VIDEO: गुलाम नबी आजाद ने दिखाए तीखी तेवर, कहा- कांग्रेस 50 साल विपक्ष में बैठेगी, अगर नहीं किया गया यह काम

कांग्रेस में चल रही अंतर्कलह अब खुल कर सामने आने लगी हैं. कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व और वरिष्ठ नेता अब आमने-सामने आ चुके हैं. वरिष्ठ नेताओं का एक समूह कांग्रेस में बड़े बदलावों की मांग कर रहा हैं. माना जा रहा है कि यह मांगे कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सामने भी रखी गई थी लेकिन उन्हें नजरअंदाज करने के बाद अब नेता खुलकर मांग उठाने लगे हैं. इसी कड़ी में राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद ने एक बार फिर से मांग उठाई हैं.

आजाद ने कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) और संगठन के कुछ प्रमुख पदों पर चुनाव कराने की मांग को दोहराया हैं. इतना ही नहीं आजाद ने कहा है कि जो नेता इन चुनावों के विरोध में हैं असल में उन्हें खुद की हार का डर सता रहा हैं.

उन्होंने कहा कि वक्त आ गया हैं कि कांग्रेस का नेतृत्व चुने हुए नेताओं द्वारा किया गए तो ही बेहतर होगा वरना कांग्रेस को अगले 50 साल तक विपक्ष में ही बैठना पड़ेगा.

आजाद ने आगे कहा कि आंतरिक चुनाव में 51% वोट हासिल करने वाले की जीत होती हैं, इसका मतलब यह हुआ कि अगर चुने हुए अध्यक्ष को 51% लोगों का समर्थक हैं. अगर चुनाव में दो-तीन उम्मीदवार भी शामिल होते हैं तो बचे प्रतिद्वंदियों को 10 से 15 फीसदी वोट ही मिलेंगे.

आजाद ने कहा कि मौजूदा वक्त में जो भी अध्यक्ष बनता हैं, जरूरी नहीं कि उसे अभी 1 फीसदी का समर्थन भी हो. लेकिन अगर चुनाव के बाद किसी को अध्यक्ष चुना जाता हैं तो उसके साथ 51 फीसदी लोग होंगे. इसका सीधा सा मतलब हैं, उन्हें हटा’या नहीं जा सकता हैं. ऐसे में इस बात में परेशानी ही क्या है?

आजाद ने कहा है कि इन चुनावों में दूसरे, तीसरे या चौथे स्थान पर आने वाले लोगों को लगेगा कि उन्हें मेहनत करके पार्टी को मजबूत करना चाहिये और अगली बार जीत हासिल करें. उन्होंने सख्त लफ्जों में कहा कि कांग्रेस अभी राज्य में जिन्हें पार्टी अध्यक्ष बना रही हैं वो ऐसे लोग हैं जो दिल्ली आते-जाते हैं और उन्हें बड़े नेताओं का समर्थन हासिल हैं.

बता दें कि हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नाम लिखी गई चिट्ठी में संगठन में हर स्तर पर बदलाव की मांग की थी. यह चिट्टी कांग्रेस के 23 वरिष्ठ नेताओं ने लिखी थी और इसमें गुलाम नवी आजाद भी शामिल थे.

साभार- जनसत्ता