VIDEO:- नीतीश कुमार के राज में डूबा बिहार, कभी हाफ पेंट तो कभी ठेले से कोविड केयर सेंटर जा रहे डॉक्टर

दुनिया भर में फैले कोरोना संक’ट में एक बार फिर से डॉक्टरों ने यह साबित कर दिखाया है कि उन्हें ऐसे ही धरती का भगवान नहीं कहा जाता हैं. आज यह धरती के भगवान कोरोना संक्र’म’ण से हम सबको बचाने में अपनी जा’न जोखिम में डाल के लगे हुए हैं. लेकिन प्रशासन और शासन की नामाकियों के चलते आज उन्हें भी परेशान होना पड़ रहा है. ऐसे ही कुछ नज़ारे बिहार के सुपौल में उस समय देखने को मिला जब एक डॉक्टर कोरोना मरीज को बचाने के लिए ड्यूटी पर जा रहे थे.

कोविड सेंटर में जा रहे एक डॉक्टर हाफ पैंट में नजर आए तो वहीं एक अन्य डॉक्टर एक ठेले पर बैठ कर कोविड सेंटर जाते हुए दिखाई दिए और नीचे चारों तरफ पानी ही पानी भरा हुआ दिख रहा था.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सुपौल जिले के निर्मली अनुमंडल मुख्यालय वार्ड 12 में स्थित कोविड 19 केयर सेंटर जिसे पब्लिक रेस्ट हॉउस में बनाया गया है के परिसर में भारी बारिश के चलते डेढ़ से दो फीट जमा पानी हो गया हैं.

इसके चलते करीब एक सप्ताह से डॉक्टर और नर्सों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. कोविड 19 केयर सेंटर में काम करने वाले डॉक्टर और नर्सों को मुख्य सड़क से सेंटर तक 200 मीटर की दूरी अपनी जा’न जोखिम में डालकर कभी ठेले पर बैठकर तो कभी घुटने भर पानी मे चलकर तय करना पड़ता हैं.

वहीं हफ्ते भर से जमा बारिश का पानी काफी बदबूदार है और इससे सेंटर में सांप-कीड़े के डर का साया कोरोना वॉरियर्स डॉक्टर्स को सताता रहता हैं. इसके आलावा कई तरह की बीमारी होने का डर भी बना रहता हैं.

कोरोना केयर सेंटर के डॉक्टरों का कहना है कि मरीजों को देखना अनिवार्य है इसलिए हमें कभी ठेले के सहारे तो कभी पैदल पानी में चल कर ही केयर सेंटर तक पहुंचना होता हैं.

सेंटर में कार्यरत डॉक्टर ने बताया कि फिलहाल केयर सेंटर में 6 कोरोना मरीजों भर्ती है जिनका इलाज किया जा रहा है इसलिए पुरे स्टाफ को रोज पानी पार करके ड्यूटी पर जाना ही पड़ता है.

साभार- आजतक