तुर्की के हागिया सोफिया को मस्जिद में बदलने के फैसले के समर्थन में उतरा रूस, कहा- यह तुर्की का आंतरिक मामला कोई भी…

इस्तांबुल में प्रतिष्ठित हागिया सोफिया म्यूज़ियम को फिर से मस्जिद में बदलने के तुर्की के फैसले पर रूस ने कहा कि यह तुर्की का अपना आंतरिक मामला है. वहीं इस तुर्की सरकार के इस कदम ने पिछले हफ्ते ही यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल के म्यूज़ियम की स्थिति को रद्द करते हुए एक कोर्ट के फैसले को लागू करने का फैसला लिया है. जिसके चलते वैश्विक नाराजगी पैदा हो गई है. वहीं इससे पहले रूस ने इस फैसले पर खेद जताया था.

संवाददाताओं से बातचीत के दौरान रूस के उप विदेश मंत्री सर्गेई वर्शिन ने कहा कि हम इस तथ्य से आगे बढ़ते हैं कि यह तुर्की का आंतरिक मामला है, इसमें ना तो हमें और ना ही किसी और को हस्तक्षेप करना चाहिए.

हालांकि इसके साथ ही उन्होंने विश्व संस्कृति और सभ्यता को ध्यान में रखते हुए हागिया सोफिया के महत्व पर जोर भी दिया. आपको बता दें कि तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने इस्तांबुल शहर में स्थित ऐतिहासिक हागिया सोफिया को एक संग्रहालय से मस्जिद में बदलने का फैसला किया है.

इस फैसले पर दुनिया भर में तुर्की की आलोचना हो रही है. दरअसल हागिया सोफ़िया लगभग 1,500 साल पहले एक ईसाई चर्च के रूप में निर्मित किया गया था. लेकिन इसे 1453 में इस्लाम को मानने वाले ऑटोमन साम्राज्य ने एक मस्जिद में बदल दिया था.

इसके बाद से ही यह दो समुदाय के बीच बहस का विषय बना हुआ था. लेकिन 1934 में आधुनिक तुर्की के निर्माता कहे जाने वाले मुस्तफ़ा कमाल पाशा ने तुर्की को धर्मनिरपेक्ष घोषित करते हुए हागिया सोफ़िया को मस्जिद से म्यूज़ियम में बदल दिया था जिसके बाद यह यूनेस्को वर्ल्ड हैरिटेज साइट के रूप में भी चुना गया था.

वहीं तुर्की के इस फैसले को लेकर ईसाईयों के धर्मगुरु पोप फ़्रांसिस ने कहा है कि मैं इस्तांबुल के बारे में सोच रहा हूं. मैं सेंटा सोफ़िया के बारे में भी सोच रहा हूँ और मुझे तुर्की सरकार के इस फैसले ने बहुत दुख पहुँचा है.

आपको बता दें कि तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने ऐलान किया है कहा कि हागिया सोफ़िया को मस्जिद बनाया जाएगा और इसमें 24 जुलाई को पहली नमाज़ भी अदा की जाएगी.

साभार- बीबीसी