हज पर प्रतिबंध- इस बड़े देश ने लगाई देशवासियों की मक्का यात्रा करने पर रोक

दुनिया भर में इस समय कोरोना महा’मारी का संक’ट छाया हुआ है. दुनिया में तेजी से कोरोना मरीजों की संख्या बढती जा रही हैं. बीमारी से महामारी का रूप ले चुकी कोरोना दुनिया के लिए एक बहुत बड़ा खत’रा बन चूका हैं. इस समय दुनिया के ज्यादातर देशों के पास कोरोना वायरस से लड़ने के लिए सिर्फ सोशल डिस्‍टेंसिंग और लॉकडाउन ही हथियार हैं. ऐसे में कोई भी देश किसी भी तरह का जोखिम लेने को तैयार नहीं हैं.

ऐसे में सभी देश ऐसे कार्यक्रमों से किनारा कर रहे है जिनमें बड़ी तादात में भीड़ जुटने की आशंका हो. इसी को देखते हुए इंडोनेशिया के धार्मिक मामलों के मंत्री फचरुल रज़ी ने एक बड़ा ऐलान किया है. इंडोनेशिया सरकार ने कोरोना वायरस को लेकर चिंता जाहिर की हैं.

इंडोनेशियाई मंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस के चलते गंभीर होती स्थितियों को देखते हुए 2020 में हज तीर्थयात्रियों को मक्का नहीं भेजने का फैसला लिया है.

मंत्री फचरुल रजी ने कहा कि सरकार ने साल 2020/1441 हिजरी में हज यात्रा के लिए मक्का नहीं भेजने का फैसला किया है. उन्होंने यह घोषणा राज्य द्वारा संचालित अंतरा न्यूज एजेंसी के वार्षिक इस्लामिक तीर्थयात्रा पर आयोजित एक सम्मेलन के दौरान की.

इस दौरान उन्होंने कहा कि यह एक कड़वा और कठिन फैसला है. हमने दुसरे विकल्प तलाशने के हरसंभव प्रयास किए हैं. लेकिन मौजूदा समय को देखते हुए हालात जल्द सामान्य होते नहीं दिख रहे है. ऐसे में हज यात्रियों की सुरक्षा हमारी जवाबदेही हैं.

फचरुल रजी ने बताया कि सऊदी अरब की तरफ से अभी तक दुनिया के किसी भी देश को हज सुविधा नहीं दी गई हैं. इसलिए सरकार के पास भी हज यात्रियों की सुरक्षा और सेवाओं की तैयारी करने के लिए बहुत कम समय बचा हैं. ऐसे में हमें यह मुश्किल फैसला लेना पड़ा.

इंडोनेशिया के अंतरा न्यूज ने कहा कि इस साल इंडोनेशिया को हज के लिए सबसे अधिक कोटा देने की पेशकश की गई थी. इस बार इंडोनेशिया से 221,000 तीर्थयात्रियों को मक्का भेजने की योजना थी. यह फैसला मंत्रालय की एक टीम ने एक व्यापक अध्ययन और इंडोनेशियाई उलेमा काउंसिल के परामर्श के बाद किया था.

आपको बता दें कि अभी कोरोना के कह’र को देखते हुए दुनिया का कोई भी देश अपने देशवासियों को विदेश यात्रा करने की इजाजत नहीं दे रहा है. वहीं दुनिया के ज्‍यादातर देशों में विदेशी फ्लाइट का आना पूरी तरफ प्रतिबंधित हैं, ज्यादातर देशों में सिर्फ घरेलू उड़ाने जारी हैं.