हाथरस कां'ड: रे#पिस्टों के समर्थन में 12 गांवों की पंचायत, आरोपि'यों के परिजनों का बेहद शर्मनाक बयान

हाथरस कां’ड: रे#पिस्टों के समर्थन में 12 गांवों की पंचायत, आरोपि’यों के परिजनों का बेहद शर्मनाक बयान

उत्तर प्रदेश के हाथरस मामले को लेकर देश भर में गु’स्सा बढ़ता जा रहा है, दलित महिला से हुए इस कथित सा’मूहि’क दु’ष्क’र्म के मामले में चार आरो’पि’यों के नाम सामने आए है. एक तरफ जहां पूरा देश पी’ड़ि’ता को न्याय दिलाने के लिए आरोपियों पर जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग कर रहा हैं वहीं दूसरी तरफ आरो’पि’यों के समर्थन में गांव और आस पास के अग’ड़ी जाति के लोग एक हो कर उन्हें बचाने के प्रयासों में जुट गए है.

इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के अनुसार पी’ड़ि’ता के गांव बूलगढ़ी से करीब 500 मीटर दूर शुक्रवार को सैकड़ों लोग जमा हुए है. बताया जा रहा है कि सभी अगड़ी जाति के थे और यहां बालाई गई महापंचायत में शामिल होने के लिए आए थे.

 

महापंचायत में आम राय बनी कि हाथरस मामले के चारों आरो’पि’यों को फंसाया जा रहा है और इस मामले को जातिग’त रूप दिया गया है. इसी के चलते सभी ने एकमत से फैसला किया है कि आरोपी युवकों को साथ दिया जाएगा और वो आरोपी युवकों का पक्ष रखेंगे. गांव में फ़िलहाल किसी भी बाह’री के प्रवेश को रोका जा रहा है.

महापंचायत में जुटे लोगों का कहना है कि वो इस ममले में चल रही जांच से सं’तु’ष्ट नहीं हैं. जांच के विरोध में प्रदर्शन करने का फैसला भी लिया गया है. एक स्थानीय पत्रकार ने इस बारे में जानकारी दी है.

वहीं दैनिक भास्कर की खबर के अनुसार 12 गांवों के लोगों द्वारा यह महापंचायत बुलाई गई है जिसमें सैकड़ों की तादात में अगड़ी जाति के लोग जुटे. यह पंचायत बूलग’ढ़ी के पास के गांव बघना में हुई. इस दौरान जांच के खिलाफ प्रदर्शन भी किया गया.

 

प्रदर्शनकारियों में शामिल एक ओजवीर सिंह राणा नाम के व्यक्ति ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि यह प्रदर्शन सिर्फ इसलिए रखा गया है ताकि अन्याय के खिलाफ एकजुट होकर आवाज़ उठाई जा सके. यह घट’ना हमारे पुरे समाज की छ’वि खराब करने की एक साजिश है. पुलिस-प्रशासन और परिवार के पास आरो’पि’यों के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है.

साभार- लल्लनटॉप