शाबास, यूपी की सरकार : सुरक्षा किट मांगा तो स्वास्थ्यकर्मियों को कर दिया बर्खास्त

देश में कोरोना का कहर जारी है. म’रने वालों और मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है लेकिन हमारे देश की सरकारें ऐसी हैं कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करने की जगह थाली पीटवा कर और मोमबत्ती जलवा कर लोगों का ध्यान भटकाने की कवायद में जुटी हुई है. देश भर में स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है. ऐसे में कोरोना से निपटने के लिए सुरक्षा किट की मांग करने वाले बांदा के 26 स्वास्थ्यकर्मियों को यूपी सरकार ने बर्खास्त कर दिया है.

इन 26 बर्खास्त कर्मचारियों में से एक प्रीति द्विवेदी ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि बांदा के राजकीय मेडिकल कॉलेज में कोरोना आइसोलेशन वॉर्ड में बिना सुरक्षा किट के ही ड्यूटी लगवा दी गई थी. अपनी सुरक्षा को देखते हुए जब इन कर्मचारियों ने सुरक्षा किट की मांग की तो उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया.

ये सभी बर्खास्त 26 स्वास्थ्यकर्मी आउटसोर्सिंग के माध्यम से रखे गए थें. इन लोगों को बांदा में कोराना वायरस संक्रमण के शिकार लोगों के इलाज में लगाया गया था लेकिन इन लोगों को मेडिकल सुरक्षा किट उपलब्ध नहीं कराया गया था.

मांग करने के बावजूद प्रशासन इनकी मांगों को अनसुना कर रहा था, जिसके बाद ये सभी कर्मचारी हड़ताल पर बैठ गए थें. दो दिनों की हड़ताल के बाद सुरक्षा किट उपलब्ध कराने की बजाय उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया.

यूपी के चिकित्सा सेवा निदेशक ने इस बाबत पत्र लिखते हुए कहा कि देश विषम दौर से गुजर रहा है. इसके बावजूद आप लोग मनमाने तरीके से हड़ताल कर रहे हैं. इस समय में प्रदेश में एस्मा कानून लागू है.

आप लोगों के इस कृत्य से राजकीय मेडिकल कॉलेज, बांदा की स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है, ऐसी स्थिति में अनुबंध के आधार ली जा रही पर आप सभी की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त की जा रही है.

कांग्रेस ने उठाए थें सवाल

देश की प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मुद्दे को उठाते हुए प्रधानमंत्री से पूछा था कि कोरोना पीडितों का इलाज कर रहे डॉक्टरों एवं अन्य कर्मचारियों के पास मेडिकल सुरक्षा किट नहीं है, इसकी जिम्मेवारी किसकी है ? आपने जिन मेडिकल कर्मचारियों के लिए थालियां पीटवाईं, अब उन्हें सुरक्षा किट कौन देगा ?

देश का दुर्भाग्य

भारत जैसी विशालकाय आबादी के लिए इससे बड़ा दुर्भाग्य की बात कुछ नहीं हो सकता कि डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों के पास सुरक्षा किट नहीं है. कोरोना पीड़ितों का इलाज कर रहे इन लोगों को किट उपलब्ध कराना तो दूर, मांग करने पर सरकार नौकरी से बर्खास्त कर दे रही है.

इस देश में एक ऐसी सरकार है, जिसे तमाशा करवा कर ध्यान भटकाने की कला में निपुणता हासिल है, हालांकि इससे देश का बड़ा नुकसान हो रहा है.

Source: navjivanindia

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