VIDEO: उत्तराखंड के चमोली में 2013 जैसी त्रा’सदी, ग्लेशियर टूटा भारी त’बाही, दिखा कुदरत का कहर

Uttarakhand Glacier Burst: चमोली में ग्लेशियर टूटने के बाद 150 मजदूर लापता, उत्तर प्रदेश तक अलर्ट

चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले के जोशीमठ में रविवार सुबह ग्लेशियर टूटने से भारी तबा’ही की आशंका जताई जा रही है। इसके चलते अलकनंदा और धौली गंगा उफान पर हैं। पानी के तेज बहाव में कई घरों के बहने की भी खबर आ रही है। चमोली जिले के आस-पास के कई इलाके खाली कराए जा रहे हैं। वही सेना के करीब 600 जवान बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए रवाना हो गए है। वही मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी घटनास्थल पर रवाना हो गए हैं।

ग्लेशियर टूटने से आये पानी के सैलाब से ऋषि गंगा डैम टूट गया है। बता दें पानी का सैलाब इतना तेज था की सामने आने वाली हर एक चीज़ को अपने साथ बहा ले गया। इसी को देखते हुए हरिद्वार, केदरनाथ, बद्रीनाथ तक अलर्ट जारी कर दिया गया है। वही नदी के आस पास के इलाको से लोगों को हटाया जा रहा है।

ग्लेशियर टूटने से 150 लोगों के बहने की आशंका

 

आपको बता दें यह घटना सुबह करीब 10.30 से सामने आई है। ग्लेशियर के टूटने से धौलीगंगा नदी में पानी की जलस्तर अचानक बढ़ गया। जिससे बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। ये ग्लेशियर चमोली जिले के रैणी गांव के ऊपर वाली गली से टूटा गया है। वही मीडिया की खबर के अनुसार इस बाढ़ में अभी तक 100 से 150 लोगों के बहने की आशंका है।

वही घटना के बाद ITBP की 2 टीमें मौके पर पहुंची चुकी हैं। NDRF की तीन टीमों को देहरादून से रवाना हो गई है। नुकसान का आकलन का बाद में पता चलेगा। ग्लेशियर फट’ने से त’पो’वन बैराज पूरी तरह से ध्व’स्त हो गया है। इस आपदा में ऋषि गंगा पावर प्रोजेक्ट और एनटीपीसी के प्रोजेक्ट को नुकसान पहुंचा है।

 

गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत फोन पर बात कर हालातों की जानकारी ली है। उन्होंने आईटीबीपी और एनडीआरएफ के महानिदेशकों से बात की हैं। शाह ने कहा कि लोगों को बचाने के लिए जो भी हो सकता है वह सब करें। देवभूमि को हर संभव मदद मुहैया कराई जाएगी।