न्यूयार्क टाइम्स का बड़ा खुलासा, दिल्ली पुलिस सीधे तौर पर हिं’सा में थी शामिल

नई दिल्लीः उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिं’सा में म’रने वाले लोगों की संख्या 53 तक जा पहुंची है। इनमें से 34 मौ’त जीटीबी अस्पताल में ही हुई हैं। गौरतलब है कि बीते 24 फरवरी को दिल्ली के कई इलाके में सीएए और एनआरसी के विरोधी और समर्थक आपस में भीड़ गए हिं’सा के कारण करीब तीन दिनों में जा’न और माल का बहुत नुकसान हुआ।

वही गुरुवार को न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिं’सा के दौरान भारतीय पुलिस ने मुसलमानों के खिलाफ प्र’त्यक्ष हिं’सा में लिप्त होने और मुस्लिमो के खिलाफ उनके अ’त्याचा’रों में हिंदू भी’ड़ की मदद की या फिर एक तरह से खड़े होकर देखती रही।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि भारतीय पुलिस ने सीधे तोर पर मुसलमानों के खिलाफ हिं’सा में उलझाने या भ’गद’ड़ के दौरान हिं’दू भी’ड़ को सक्रिय रूप से मदद करने के लिए प्रस्तुत किया, जब उन्होंने मुस्लिम घरों को निशाना बनाया और मुस्लिम परिवारों को निशाना बनाया।

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में दिल्ली हिं’सा में पी’ड़ित एक मुस्लिम शख्स की कहानी बताई गई है, रिपोर्ट में कहा गया है की कौशर अली पेशे से एक पेंटर है 24 फरवरी को सबसे सां’प्रदायि’क र’क्तपा’त के एक दिन बाद राजधानी के एक पड़ोस में मुस्लिम और हिंदू भी’ड़ के बीच लड़ाई में फास गया था।

अली ने कहा कि वह मदद के लिए पुलिस अधिकारियों की ओर गया, लेकिन मदद करने की बजाय एक पुलिस अधिकारि ने उसे जमीन पर फेंक दिया और उसे और कई अन्य मुसलमानों को पी’टना शुरू कर दिया।

उन्होंने कहा कि वहां पर मौजूद कौशर अली के साथ साथ और अन्य घायल मुसलमान थे जो खू’न से लतप’थ थे और वह सभी दया की भीख मांग रहे थे, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। उनमें से एक ने दो दिन बाद गंभीर चोटों के चलते अस्पताल में द’म तोड़ दिया।

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