इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के VC समेत रजिस्ट्रार पर 2 करोड़ रुपए की रिश्व’त लेने के आरोप

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की वीसी और रजिस्‍ट्रार पर दो करोड़ की रिश्‍व'त मांगने का आरोप लगा है, जबकि इलाहाबाद विश्वविद्यालय इस आरोप को बेबुनियाद बता रहा है

उत्तर प्रदेश: इलाहाबाद विश्वविद्यालय में नौकरी देने के नाम पर, वहां की वीसी और रजिस्ट्रार पर नौकरी देने के नाम, एक टेंडर देने के एवज में 2 करोड़ रुपए बतौर घू’स लेने के आरोप लगे हैं. दरअसल बीते शनिवार को गेस्ट हाउस में चल रही भ’र्ती प्रक्रिया के दौरान काफी अधिक संख्या में नौकरी पाने के लिए अभ्यार्थी जमा हुए थे.

यहीं से, इस दौरान इलाहाबाद विश्वविद्यालय के करता धर्ता, जिनमें वाईस चांसलर और रजिस्ट्रार शामिल हैं, इन लोगों पर चयन सिस्टम में धां’धली करने के आरोप लगे हैं. हालाँकि इस दौरान अभ्यार्थीयों ने काफी हंगामा भी किया, जिसके चलते इलाहाबाद विश्वविद्यालय को इस भ’र्ती प्रक्रिया को स्थगित तक करना पड़ा.

वीसी और रजिस्ट्रार पर पैसा लेने के आरोप लगे हैं

Ilahabaad Vishvidyalay

दरअसल नव भारत टाइम्स की ख़बर के मुताबिक, इलाहाबाद विश्वविद्यालय में नए लोगों को नौकरी देने के नाम पर घू’स मांगने का कोई वीडियो सोशल मीडिया के ज़रिये वायरल हो गया है.

बताया जा रहा है कि इस वीडियो में कोई एक संविदा कर्मचारी है, जो वाइस चांसलर और रजिस्टार प्रोफेसर एन के शुक्ला इन दोनों पर भ’र्ती प्रक्रिया में टेंडर के नाम पर दो करोड रुपए की रिश्व’त लेने के आरोप लगाते हुए दिख रहा है.

हालांकि इस वीडियो में दिखने वाला यह शख्स कौन है, इस बात का पता नहीं लग सकता है. सोशल मीडिया में यह विडियो आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी अपना बचाव करते हुए यह पक्ष रखा की ये वीडियो फ़’र्जी है, और इसे मनगढ़ंत बताते हुए उन्होंने खुद इसको सोशल मीडिया में वायरल करने वाले व्यक्ति पर क’ड़ी कार्रवाई किये जाने की बात तक कह डाली है.

यह है पूरा मामला

दरअसल, इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशास’न द्वारा पहले से खाली पड़े कुल 209 पदों को भरने के लिए संविदा कर्मचारियों को भ’र्ती करने के उद्देश्य से नौकरी निकाली हैं.

इनमे माली, सफाई कर्मचारी, चपरासी, कंप्यूटर ऑपरेटर, ऑफिस के लिए असिस्टेंट, इंजीनियरिंग विभाग में काम करने हेतु लिफ्ट ऑपरेटर, प्‍लंबर, इलेक्ट्रिकल हेल्पर, ट्यूबवेल के लिए ऑपरेटर, कार हेल्पर, इलेक्ट्रिशियन, कारपेंटर, प्‍लंबर हेल्पर जैसे इन सभी 35 पदों पर भर्ती के लिए 25 मार्च को विज्ञापन देकर टेंडर जारी किया था.

और इस टेंडर के लिए लखनऊ की फर्म मै. सन फैसिलिटी सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड को वॉक इन इंटरव्यू करने का काम दिया गया था.

इसी भ’र्ती की प्रक्रिया के लिए बैंक रोड विश्वविद्यालय गेस्ट हाउस में आवेदकों के इंटरव्यू के लिए 25 मार्च से शुरू करवाकर ये 28 मार्च तक साक्षात्कार होने थे. इस कंपनी ने इस भर्ती प्रक्रिया को लक्ष्यदीप इंफो प्लेसमेंट, प्रॉपर्टी एंड एजुकेशन ग्रुप के ज़रिये शुरू की गई.

बीते शनिवार को इस गेस्ट हाउस में चलने वाली इस भ’र्ती प्रक्रिया के दौरान वहां काफी ज्यादा संख्या में अभ्यार्थी आ गए थे. इस दौरान कोई विडियो वायरल हो गया और उसके ज़रिये यहाँ धां’धली होने के आरोप लगाकर अभ्यार्थी हंगा’मा खड़ा करने लग गए.

इस वजह से यहाँ चल रही इस भ’र्ती प्रक्रिया को तुरंत स्थगित करन पड़ा. इस बीच इस भ’र्ती प्रक्रिया को लेकर किसी ने चुपके से कोई वीडियो बना लिया और उसको सोशल मीडिया में वायरल कर दिया.

दिल्ली (नोएडा) के रहने वाले ज़ुबैर शैख़, पिछले 10 वर्षों से भारतीय राजनीती पर स्वतंत्र पत्रकार और लेखक के तौर पर कई न्यूज़ पोर्टल और दैनिक अख़बारों के लिए कार्य करते हैं।