कांग्रेस नेता और शायर ‘इमरान प्रतापगढ़ी’ को UP प्रशासन ने 1 करोड़ का नोटिस भेजा…

देशभर में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ, जगह-जगह प्रोटेस्ट चल रहे हैं। उत्तर प्रदेश में ऐसा ही प्रोटेस्ट मुरादाबाद के ईदगाह मैदान में किया गया था। यह विरोध प्रदर्शन अनिश्चितकालीन के लिए आयोजित हुआ था, जहां इमरान प्रतापगढ़ी ने भाषण दिया था। अब, उत्तर प्रदेश सरकार ने कांग्रेस नेता व कवि इमरान प्रतापगढ़ी के खिलाफ एक नोटिस जारी किया है।

मशहूर शायर और कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी के खिलाफ एक करोड़ रुपए का जुर्माना भरने का नोटिस दिया गया है। मुरादाबाद प्रशासन ने इमरान प्रतापगढ़ी पर आरोप लगाया है कि, नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में लोगों को भड़काने और धारा 144 का उल्लंघन करने के लिए नोटिस भेजा गया है।

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इमरान प्रतापगढ़ी पर एक करोड़ रुपए का जुर्माना

आपको बता दें कि इससे पहले नागरिकता संशोधन कानून को लेकर, उत्तर प्रदेश में कई जगह नोटिस भेजे जा चुके हैं। जिसमें खासतौर से धारा 144 का उल्लंघन करना बताया गया है.

इसके अलावा धारा 144 के अंतर्गत, विरोध प्रदर्शन में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा था, उस नुकसान की भरपाई करने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कमर कस रखी है।

फिलहाल यह बात सोशल मीडिया में आते ही काफी हंगामा मचा हुआ है, कि इमरान प्रतापगढ़ी के खिलाफ नोटिस जारी किया गया है।

Imran Pratapgarhi

इमरान प्रतापगढ़ी की तरफ से अभी तक, किसी भी तरह की प्रतिक्रिया नहीं आई है। उत्तर प्रदेश के संभल में भी 13 लोगों को नागरिकता कानून का विरोध करने पर नोटिस भेजा गया था. और उसमें प्रत्येक पर 50-50 लाख रुपए के मुचलके भरने के आदेश दिए गए थे।

इन सभी पर भी महिलाओं को धरने पर बैठने के लिए उकसाने और धरा 144 का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है। और इसी क्रम में आज इमरान प्रतापगढ़ी के खिलाफ यह नोटिस भेजा गया है।

कौन हैं इमरान प्रतापगढ़ी, जिनपर लगा है 1 करोड़ का जुर्माना

आपको बता दें कि इमरान प्रतापगढ़ी का जन्म, 6 अगस्त 1987 को हुआ था. और वह उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के निवासी हैं।

इमरान प्रतापगढ़ी का प्रतापगढ़ में जन्म हुआ, इसी वजह से इमरान के नाम के आगे प्रतापगढ़ी जोड़ा गया. इमरान प्रतापगढ़ी उर्दू शायरी के बेहतरीन युवा शायर हैं।

इनको सुनने के लिए हजारों लोगों की भीड़ इकट्ठा हो जाती है। इन्होने प्रतापगढ़ इलाहाबाद विश्वविद्यालय से अपनी पढ़ाई पूरी की और साल 2016 में अखिलेश सरकार में इन्हें यश भारती पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया था।

अब देखना यह है कि इमरान प्रतापगढ़ी इस एक करोड़ रुपए के भेजे गए नोटिस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं?