VIDEO: साहब इंदौर छोड़िए, पीलीभीत में तो डीएम और एसपी ही भीड़ इकट्ठा कर घंटा बजाते दिखे, वीडियो हुआ वायरल

लखनऊ: देशभर में रविवार को जनता कर्फ्यू की सफलता के बाद प्रधानमंत्री ने लोगों को बधाई दी थी। हालांकि, कुछ जगहों पर रविवार शाम और सोमवार सुबह सड़कों पर जनता के जुटने पर प्रधानमंत्री ने नाराजगी जताई है। राज्य सरकारों की पहल के जनता द्वारा तोड़े जाने पर पीएम मोदी ने ट्वीट में कहा, लॉकडाउन को अभी भी लोग गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। उल्लंघन पर हो कानूनी ऐक्शन।

बता दें जनता कर्फ्यू’ के दिन शाम 5 बजे पूरे देश में लोगों ने ताली और थाली बजाकर उन लोगों को धन्यवाद दिया जो कोरोना वायरस से अग्रिम मोर्चे पर जूझ रहे हैं. दरअसल पीएम मोदी ने लोगों से डॉक्टर, नर्स, नगर निगम के कर्मचारी, पुलिस को धन्यवाद देने के लिए ऐसा आयोजन किया था. लेकिन इंदौर इसी बात को लेकर चर्चा में है।

दरअसल वहां कुछ लोगों ने इस आयोजन ने जुलूस की शक्ल दे दिया. जबकि इस बीमारी को रोकने के लिए लोगो से बार-बार कहा जा रहा है कि भीड़ इकट्ठा न करें. लेकिन उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में नजारा कुछ और ही देखने को मिला. यहां पर डीएम और एसपी खुद ही जुलूस की शक्ल में शंख और घंटा बजाते हुए गलियों घूमते नज़ए आये।

आप वायरल हो रहे वीडियो में साफ देख सकते हैं कि किस तरह से आला प्रशासनिक अधिकारी भीड़ की अगुवाई कर रहे हैं. लेकिन जब इस पर सोशल मीडिया पर सवाल उठे तो पीलीभीत पुलिस की ओर ट्विटर हैंडल पर सफाई दी गई, DM व SP द्वारा जुलूस नहीं निकाला गय.

कुछ जनता चूकि बाहर आ गयी थी अतः भावनात्मक जुड़ाव के द्वारा वहां से हटाया गया. चूँकि बल प्रयोग व्यावहारिक नहीं था. मात्र एकतरफ़ा खबर से भ्रामक खबर चलायी गयी है।

लेकिन सवाल इस बात का है जब भीड़ इकट्ठा हुई तो अधिकारियों को लोगों समझाने की बजाए उस भीड़ की अगुवाई करने की क्या जरूरत थी. जब इस बीमारी के फैलने का सबसे बड़ा खतरा सामुदायिक संक्रमण है तो भीड़ कहीं भी न इकट्ठा होने पाए इस पर सबसे पहले ध्यान देना है।

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