ग्लोबल हंगर इंडेक्स: नेपाल, बांग्लादेश, पाकिस्तान से भी पिछड़ा भारत, भुखम’री के मामले में 117 मुल्कों में से भारत को मिला…

दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाला देश भारत हैं जहां कई तरह के धर्म के लोग संस्कृतियां और भाषाएँ पायी जाती हैं| अनेकता में एकता के लिए पूरे विश्व में प्रसि’द्ध भारत आज अर्थव्यवस्था के चलते पकिस्तान और श्रीलंका से भी निचले स्तर पर पहुँच चूका है| देश में आर्थिक मंदी दिन व दिन बढ़ती ही जा रही है कारखाने बंद हो रहे हैं और लोग बेरोज़गार होते जा रहे हैं| आपको बता दें कि इन दिनों भारत अर्थव्यवस्था के चलते अपने पिछले काई सालों के सबसे निचले स्तर पर है| वहीँ अब एक और झटका ग्लोबल हंगर इंडेक्स की रिपोर्ट ने भारत को दिया है|

दरअसल आपको बता दें कि ग्लोबल हंगर ट्रैकिंग ने मंगलवार को भारत के संबंध में विश्व को चौंकाने वाले आंकड़े जारी किए हैं| जारी हुए आंकड़ों के मुताबिक़ भारत विश्व के उन 117 देशों में 102वें नंबर पर आ गया है जहां बच्चों की लंबाई के अनुसार वजन नहीं है, बा’ल मृ’त्यु दर ज्यादा है और बच्चे कु’पोषि’त हैं।

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ग्लोबल हंगर इंडेक्स (GHI) द्वारा 2019 को लेकर कहा कि बच्चों को इस तरह से नुकसान पहुंचने का आंकड़ा 20.8 फीसदी है। साथ ही रिपोर्ट में कहा गया है कि विश्व में बच्चों के मामले में सबसे खराब प्रदर्शन यमन, जिबूती और भारत का रहा है जिनका फीसदी 17.9 से 20.8 के बीच है।

GHI में आगे कहा गया है कि भारत में 6 से 23 महीने की बीच के उम्र के महज 9.6 बच्चों को ही न्यूयनतम स्वीकार्य आहार दिया जाता है। बता दें कि रिपोर्ट ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा साल 2016-18 के बीच कराए गए एक सर्वे के आधार पर बताया कि भारत में 35 फीसदी बच्चे छोटे कद के हैं जबकि 17 फीसदी बच्चे कमजोर पाए गए हैं।

जानकारी के मुताबिक़ इस महीने की शुरुआत में स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी व्यापक राष्ट्रीय पोषण सर्वेक्षण (CNNS) ने देश भर में 19 साल तक के 112,000 बच्चों का आकलन किया था, जिसमें पाया गया कि कुपो’षण में कमी के उपायों में प्रग’ति हुई है। न्यूट्रिशन एक्सपर्ट के मुताबिक साल 2016-18 में CNNS के आंकड़ों और GHI की आकं’ड़ों की तुलना करें तो भारत में बाल कु’पोष’ण का स्तर कम है।

जानकारी के लिए बता दें कि ग्लोबल हंगर इंडेक्स का मतल’ब उन देशों से जहां बच्चे पेटभर खा’ना नहीं खा पा रहे। रिपोर्ट के मुताबिक भारत एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अ’र्थव्यव’स्था है और GHI में उसका स्थान दक्षिण एशिया के देशों से भी नीचे हैं। इसका मतलब है कि पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका से भी पीछे हैं जिनकी रैंकिंग क्रमश 94, 88, 73 और 66 है।

बता दें कि साल 2010 में भारत लिस्ट में 95वें नंबर पर था जो 2019 में बढ़ कर 102वें स्थान पर आ गया है। वहीँ साल 2000 की बात करें तो विश्व के 113 देशों की सूची में भारत का स्थान 83वां था। इस लिस्ट की रैंकिंग में बेलारूस, यूक्रेन, तुर्की, क्यूबा और कुवैत टॉप पर हैं।

साभार: #Jansatta

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