गर्भवती सफूरा ज़रगार को लेकर 25 अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने अमित शाह को लिखा खुला पत्र, की यह मांग

केंद्र के मोदी सरकार के मनमाने बिल CAA के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों का नेतृत्व करने वाली सफूरा ज़रगर काफी समय से पुलिस की हिरासत में है. उन्हें अप्रैल में पूछताछ के लिए ले जाया गया था इसी के बाद से ही वह पुलिस की गिरफ्त में है. बता दें कि सफूरा ज़रगर चार महीने की गर्भवती है और उन्हें सरकार ने सबसे भीड़-भाड़ वाली तिहाड़ जेल में रखा हुआ है. भारत में इस समय कोरोना वायरस तेजी से फ़ैल रहा हैं.

कोरोना वायरस से गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों में संक्रम’ण होने का ज्यादा खतरा होता है लेकिन इसके बाद भी जरगर को तिहाड़ शिफ्ट कर दिया गया है. उनकी रिहाई के लिए काफी प्रयास चल रहे है. देश विदेश के कई बड़े संगठन सफूरा की रिहाई में लगे हुए है.

एमनेस्टी इंटरनेशनल, ह्यूमन राइट्स वॉच और इंटरनेशनल कमीशन ऑफ ज्यूरिस्ट सहित लगभग पच्चीस अंतर्राष्ट्रीय संगठनों ने भारत सरकार से सफूरा जरगर की रिहाई की मांग की है. इन संगठनों ने पत्र लिख कर गृह मंत्री अमित शाह से सफूरा समेत प्रदर्शनकारी छात्रों को तत्काल रिहा करने की मांग की है.

इस पत्र के पहले पैराग्राफ में लिखा गया है कि मानव अधिकारों को ध्यान में रखते हुए हम चार महीने की गर्भवती सफूरा ज़रगार, मीरान हैदर, शारजील इमाम और शिफा-उर-रहमान के लिए बहुत चिंतित है और उनकी तत्काल रिहाई की मांग करते हैं.

जरगर समेत इन सभी को गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत गिरफ्तार किया गया है. यह एक कठोर कानून है जिसमें आरोपी के लिए जमानत हासिल करना काफी कठिन हो जाता हैं.

संगठनों ने अपने पत्र में कहा है कि उन्हें लगता है कि प्रदर्शनकारी छात्र अपने मानव अधिकारों की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन में सम्मिलित हुए थे. उनकी इस तरह गिरफ्तारी और उन्हें नज़रबंद करना पूरी तरह से संविधान के खिलाफ है.

संगठनों ने चिंता जाहिर करते हुए कहा है कि जिस समय पुरे भारत में कोविड-19 जैसी महामारी तेजी से फ़ैल रही है ऐसे दौर में छात्रों को जेल में रखना उनके स्वस्थ और उनकी जान के लिए खतरा साबित हो सकता हैं.

पत्र में लिखा गया है कि सभी अन्तर्राष्ट्रीय संगठन जामिया की छात्र कार्यकर्ता सफूरा ज़रगार के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है. जेल में बंद सफूरा गर्भावस्था में है. ऐसे में उनकी रिहाई को प्राथमिकता देनी चाहिए.