नागरिकता कानून: आजमगढ़ और मऊ में इंटरनेट बैन, 600 लोगों पर एफआईआर दर्ज

नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन बिल 2019 राज्यसभा में पारित होते ही देश भर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहा है। यह प्रदर्शन पूर्वोत्तर राज्य असम, त्र‍िपुरा, मेघालय से लेकर दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में बवाल के बाद अब उत्तर प्रदेश में चिंगारी भड़क उठी है। लखनऊ के नवादा काॅलेज के बड़ी संख्या में छात्र विरोध कर रहे है।

नागरिकता कानून को लेकर प्रदर्शन जारी है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में जमकर प्रदर्शन हो रहा है। यूपी में मऊ के बाद आजमगढ़ में भी इंटरनेट बैन कर कर दिया है। वही मऊ में 600 के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है। संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ मऊ जिले में सोमवार शाम हिंसा भड़कने के अगले दिन पड़ोस के आजमगढ़ जिले में भी लोगों ने प्रदर्शन किया। जिले में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गयी हैं।

यूपी: मऊ के बाद आजमगढ़ में भी इंटरनेट बैन, 11 गिरफ्तार

दोपहर के समय आजमगढ़ और मऊ में नागरिकता कानून को लेकर प्रोटेस्ट चल रहा था। इसके बाद वहां यह प्रदर्शन हिंस’क हो गया. जिसके बाद सोशल मीडिया पर अफवाह न फैले इसके चलते पुलिस ने के ज़रिये पुलिस ने इंटरनेट सेवाएं कुछ समय तक के लिए बंद करने के आदेश दे दिए हैं।

आजमगढ़ में प्रदर्शन के दौरान लगभग 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार नागरिकता कानून के विरो’ध के चलते जगह-जगह लोगों द्वारा इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाह फ़ैल रही है. जिसके चलते आजमगढ़ एसपी और डीएम ने इंटरनेट सेवाएं कुछ समय तक बाधित करने के आदेश दिए हैं।

आजमगढ़ एसपी त्रिवेणी सिंह के अनुसार कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है. कइ लोगों पर नज़र भी रखी जा रही है. उन्होंने बताया कि मुबारकपुर इलाके में स्थिति अब शांतिपूर्ण है, हालाँकि सुरक्षा के लिहाज से फोर्स तैनात की गई है।

मऊ और आजमगढ़ में धारा 144 लागू कर दी गयी है. 4 से ज़्यादा व्यक्तियों के एक साथ रहने पर पाबंदी लगी हुए है. शांति व्यवस्था कायम है लेकिन सोशल मीडिया पर अफवाहों को देखते हुए जनपद की इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। नागरिकता कानून और एनआरसी को लेकर जिले में हो रहे विरोध प्रदर्शन को देखते हुए जिला और पुलिस प्रशासन अलर्ट है।

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