अयोध्या में बनने वाली मस्जिद को लेकर इकबाल अंसारी को ऐतराज़, बोले हिंदुस्तानी तौर तरीकों से बने मस्जिद

बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी ने अयोध्या में बनने वाली मस्जिद के डिजाइन को लेकर ऐतराज़ जताया है

कई सालों से चला आ रहा अयोध्या राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद विवाद खत्म हुआ और नवंबर 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए विवादित जमीन को हिंदू पक्ष को मंदिर बनाने के लिए तथा मुस्लिम पक्ष को मस्जिद निर्माण के लिए अयोध्या से 30 किलोमीटर दूर सोहावल तहसील के धनीपुर गांव में 5 एकड़ भूमि देने का फैसला सुनाया था.

वहीं हाल ही में सुन्नी वक्फ बोर्ड द्वारा अयोध्या से 30 किलोमीटर धन्नीपुर गांव में बनाई जाने वाली मस्जिद का नक्शा भी जारी किया था. लेकिन अब इस पर एक के बाद एक सवाल उठ रहे हैं. अब बाबरी मस्जिद के पक्षकार ने मस्जिद के डिजाइन को लेकर बड़ा सवाल उठाया है. बता दें कि इससे पहले भी कई लोगों ने मस्जिद के निर्माण लेकर सवाल खड़े किए हैं।

Ayodhya me Banne wali masjid par aitraz jataya

हम हिन्दुस्तानी मुसलमान हैं, और मस्जिद भी भारतीय मस्जिद जैसी बने- इकबाल अंसारी

बता दें इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन के संयोजक जफरयाब जिलानी ने भी हाल ही में सवाल उठाया था उन्होंने कहा था कि अयोध्या से 30 किलोमीटर दूर धन्नीपुर गांव में बनाई जाने वाली मस्जिद शरीयत के खिलाफ है.

जफरयाब जिलानी ने मस्जिद के निर्माण को शरीयत के खिलाफ बताया था उन्होंने कहा था कि जिस प्रस्तावित मस्जिद का खाका हाल ही में लांच किया गया है वह शरीयत और वफ्फ एक्ट के खिलाफ है. और अब एक बार फिर से मस्जिद के डिजाइन को लेकर ही सवाल उठे हैं.

हम भारत के लोग हमें भारतीय शैली में चाहिए मस्जिद

हाल ही में जारी किए गए मस्जिद के डिजाइन पर अब बाबरी मस्जिद के पक्षकार रहे इकबाल अंसारी ने बड़ा सवाल उठाया है।

इकबाल अंसारी का कहना है कि “ यह मस्जिद विदेशों की तर्ज पर डिजाइन की गई है लेकिन हम भारत के लोग हैं और भारतीय शैली में बनी मस्जिद को ही स्वीकार करेंगे” वहीं उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ अयोध्या का ही नहीं बल्कि देश का कोई भी मुसलमान विदेशी शैली पर बन रही मस्जिद को स्वीकार नहीं करेगा।

इकबाल अंसारी आरोप लगाते हुए कहते हैं कि हमने मस्जिद के लिए 70 वर्ष लड़ाई लड़ी लेकिन आज अयोध्या के किसी भी पक्षकार से मस्जिद निर्माण को लेकर कोई सलाह नहीं ली गई।

इकबाल अंसारी ने मस्जिद की डिजाइन को लेकर आगे कहा कि ‘मस्जिद की डिजाइन विदेशी शैली पर है लेकिन हम हिंदुस्तान के मुसलमान हैं और हिंदुस्तान के वफादार हैं। मंदिर और मस्जिद की अपनी एक अलग पहचान होती है लेकिन हम हमेशा हिंदू और मुसलमानों के बीच में रहते हैं’।

उन्होंने आगे कहा कि मंदिर में शिवाला और मस्जिद में मीनार दूर से ही दिखाई पड़ती है लेकिन अभी जो नक्शा जारी किया गया है उसमें मस्जिद का नामोनिशान भी दिखाई नहीं पड़ता है।

ऐसे में उन्होंने अब मांग की है कि मस्जिद के निर्माण के लिए गठित किया गया ट्रस्ट मुसलमानों की भावनाओं की कद्र करे और हिंदुस्तानी शैली में मस्जिद निर्माण कराए। क्योंकि अभी जारी किए गए इस नक्शे का पूरे भारत का मुसलमान विरोध कर रहा है।