हसन रूहानी का बड़ा फैसला, रमजान में इबादत के लिए खोली जाये देश की सभी मस्जिदें

तेहरान: दुनिया के लगभग 200 देशों में कोरोना वायरस ने कोहराम मचा रखा है, इसके फलते सं’क्रमण को रोकने के लिए दुनिया भर के देशों ने लोक डाउन कर रखा है. लेकिन ईरान में कोरोना वायरस से रिकॉर्ड की संख्या में लोग ठीक हो रहे हैं. सोमवार को आए आंकड़े के मुताबिक ईरान के हॉस्पिटलों से 80 हजार लोग सं’क्रमण से ठीक होकर अपने घर चले गए है।

ईरान सरकार ने कोरोना वायरस के संक्रमण के लो रिस्क वाले इलाकों में मस्जिदों को खोलने का आदेश दिया है. ईरान में कोरोना वायरस की वजह से बंद की गई मस्जिदों में अब फिर से नमाज़ पढ़ी जा सकेगी. लॉकडाउन की वजह से देश की मस्जिदों में नमाज़ पढ़ने पर प्रतिबंध लगा हुआ है।

hasan

लेकिन अब ईरान सरकार ऐसे इलाकों को चिन्हित कर रही हैं जो लगातार कोरोना के संक्रमण से मुक्त रहे ऐसे इलाकों को व्हाइट लेबल दिया जाएगा वहां अब नमाज़ पढ़ने की शुरुआत हो सकती है।

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता किनॉश जहांपोर ने कहा है कि ईरान में कोरोना वायरस की वजह से 74 नई मौ’तें दर्ज की गई हैं. इसके बाद यहां सं’क्र’मण से मरने वालों का आंकड़ा 6,277 हो गया है. मध्य फरवरी में ईरान में वायरस सं’क्रमण का पहला मामला सामने आया था।

Ramadan Traditions in Northwestern Iran

राष्ट्रपति हसन रूहानी ने बताया कि ईरान को व्हाइट, येलो और रेड लेबल में बांटा जाएगा. इन इलाकों को कोरोना सं’क्रम’ण और मौत के आंकड़ों के आधार पर बांटा जाएगा और लेबल दिया जाएगा।

व्हाइट लेबल के तहत वो इलाके आएंगे जहां अब तक कोरोना सं’क्रम’ण का न तो कोई मामला सामने आया हो और न ही किसी की मौ’त हुई हो. ऐसे इलाकों में शुक्रवार की नमाज़ के साथ मस्जिदों को फिर से शुरू किया जा सकता है।