सब-इंस्पेक्टर इंतेसार अली के निलंबित पर रुबिका लियाक़त देने लगी इस्लाम पर ज्ञान, कहा- इस्लाम में दाढ़ी सुन्नत है…

उत्तरप्रदेश के बागपत में एक मुस्लिम दरोगा को सिर्फ इसीलिए संस्पेंड कर दिया गया क्योंकि उसने अपनी दाढ़ी बढ़ा ली थी. इस मामले को लेकर यूपी पुलिस प्रशासन ने इसे विभागीय नियमों की अवहेलना करना बताया है. इन मामले को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा जोर पकड़ती जा रही है. मीडिया में भी यह मामला सुर्खियां बटोर रहा है और कहीं न्यूज़ एंकर भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं.

इसी कड़ी में न्यूज़ एंकर और पत्रकार रुबिका लियाकत ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. बता दें कि पुलिस में सब-इंस्पेक्टर इंतेसार अली को बिना अनुमति के दाढ़ी रखने के चलते निलंबित किया गया है और पुलिस लाइन्स भेज दिया गया है.

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न्यूज़ एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार सब-इंस्पेक्टर इंतेसार अली को दाढ़ी ह’टाने के लिए विभाग ने तीन बार चेतावनी देते हुए दाढ़ी बढ़ाने के लिए अनुमति लेने के लिए कहा था, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने अनुमति नहीं ली. पुलिसकर्मी ने बिना अनुमति के दाढ़ी बढ़ाना जारी रखा.

इसी के चलते उन्हें सस्पेंड कर दिया गया. इसे लेकर एसपी बागपत अभिषेक सिंह ने बताया कि पुलिस मैनुअल के मुताबिक सिर्फ सिखों को दाढ़ी रखने की अनुमति दी गई है जबकि अन्य सभी पुलिसकर्मियों को अपना चेहरा साफ-सुथरा रखने के निर्देश दिये जाते है.

उन्होंने बताया कि ऐसे में अगर कोई पुलिसकर्मी दाढ़ी रखना चाहता है, तो उसे इसके लिए अनुमति लेनी होगी. इंतेसार अली से बार-बार अनुमति लेने के लिए कहा का रहा था लेकिन इसके बाद भी उन्होंने नियमों का पालन नहीं किया और बिना अनुमति के दाढ़ी रख ली.

इसे लेकर पत्रकार रुबिका लियाक़त एक ट्वीट किया. जिसमें उन्होंने इस्लाम से जुडी जानकारी शेयर की जिसके बाद उन्हें सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया जा रहा है.

उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि जो लोग इन्तसार अली पर हुई कार्रवाई को लेकर हिंदू-मुस्लिम एं’गल देने पर आमादा हैं वो पुलिस के ड्रेस मैनुअल कोड को एक बार अच्छे से पढ़ लें. इस्लाम में दाढ़ी सुन्नत है अनिवार्य नहीं. अगर किसी को दाढ़ी रखनी ही है तो अनुमति ले लीजिए. पुलिस और सेना अनुशासन से चलते हैं.

इस ट्वीट पर रुबिका को जमकर ट्रोल किया जा रहा है. उनके ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए एक यूजर ने लिखा कि देश के पीएम दाढ़ी रख सकते है लेकिन मुस्लिम पुलिस दाढ़ी नही रख सकती हैं जबकि दोनों संविधानिक पद है फ़र्क सिर्फ इतना है पीएम मोदी हिन्दू हैं पुलिस मुस्लिम और ये हमें कानून सिखा रहीं है.

साभार- एबीपी न्यूज़