कोरोना वैक्सीन को जमात-ए-इस्लामी की मंजूरी, वरिष्ठ पत्रकार ने शेयर की खबर तो लोगों ने किये ऐसे सवाल

कोरोना वैक्सीन को लेकर देश के कई मुस्लिम संगठनों और विद्वानों ने ऐसा दावा किया था और इसका विरोध भी किया था। लेकिन अब कोरोना वैक्सीन को जमात-ए-इसलामी की मंज़ूरी मिल गई.

जहां सारी दुनिया कोरोना वैक्सीन का इंतजार कर रही है वही भारत में कोरोना वैक्सीन बनने के बाद इस पर विवा’द शुरू हो गया है. हाल ही में आपने टीवी और सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का एक वीडियो देखा होगा जो कि खासा वायरल हो रहा है वीडियो में यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव वैक्सीन ना लगवाने की बात कहते हुए दिख रहे हैं।

आपको बता दें वैक्सीन को लेकर यह विवा’द छोटा नहीं है इसके अलावा भी वैक्सीन को लेकर विवा’द चल रहा है। हाल ही में भारत ने सिरम इंस्टीट्यूट ऑफ पुणे द्वारा निर्मित ऑक्सफोर्ड के Covid-19 के टीके कोविशील्ड और भारत द्वारा निर्मित टीके कोवैक्सीन को मंजूरी दे दी है। लेकिन वैक्सीन को मंजूरी मिलने के साथ ही इस पर विवा’द भी शुरू हो गया है।

वैक्सीन के बनने के प्रोसेस पर विवा’द

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वैक्सीन को मंजूरी मिलने के बाद भारत में इसका विरोध शुरू हो गया है एक ओर जहां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित कई और चर्चित लोग इस पर बयान देते देखे गए वहीं देश और देश के बाहर के कई मुस्लिम संगठनों ने और वि’द्वा’नों ने कोरोना वैक्सीन पर सवाल खड़े किए थे।

मुस्लिम संगठनों का कहना है कि कोरोना वैक्सीन के टीके बनने की प्रोसेस में उन पदा’र्थों को शामिल किया गया है जो कि इस्लाम में हराम है जिसके चलते वे कोरोना वैक्सीन का उपयोग नहीं कर पाएंगे।

अब जमात ए इस्लाम ने दी मंजूरी

एक ओर जहां कई देशों के मुस्लिम संगठनों ने कोरोना वैक्सीन के टीके पर आप’त्ति जताई थी वहीं अब जमात-ए-इस्लाम ने कोरोना के टीके को मंजूरी दे दी है। जमात ए इस्लाम का कहना है कि आपात स्थिति में अगर सही पदार्थों वाली वैक्सीन मुहै’या नहीं है तो इंसान की जान बचाने के लिए हराम पदा’र्थों वाली वैक्सीन भी लगवाई जा सकती है।

अब लोगों ने उठाए सवाल यह कहां की वैज्ञानिक संस्था

आपको बता दें कि कोरोना वैक्सीन को जमात ए इस्लाम की मंजूरी मिलने के बाद पत्रकार और पॉलिटिक्स एनालिस्ट आशुतोष ने एक ट्वीट किया जिसमें उन्होंने लिखा कि कोरोना वैक्सीन को जमात ए इस्लाम की मंजूरी।

पत्रकार आशुतोष के इस ट्वीट पर अब लोग जमकर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं वहीं कुछ लोग सवाल भी उठा रहे हैं एक यूजर ने लिखा कि “अब कम से कम आशुतोष तो इंजेक्शन लगवाने से मना नहीं कर सकते” वहीं एक यूजर ने तो लिखा कि “यह कहा कि वैज्ञानिक संस्था है?

बता दें कि पत्रकार आशुतोष के इस खबर को ट्वीट करने के बाद लोग जमकर कमेंट कर रहे हैं। कोई लिख रहा है कि “जमात ए इस्लाम के वैज्ञानिकों का बहुत बहुत धन्यवाद वरना पृथ्वी पर हा’हाका’र मच जाता।

वहीं किसी ने लिखा कि अगर यह मंजूरी आरएसएस या बीएचपी के द्वारा दी होती तो चा’टूतोष जी तो गुस्से में ट्वीट करते। ये कट्ट’रवा’दी हिंदू संगठन कौन होते हैं मंजूरी देने वाले क्या यह कोई वैज्ञानिक हैं? मोदी राज में यह देश किस ओर जा रहा है?