VIDEO: जर्मनी में अजान बंद करवाने अदालत पहुंचे लोग.. उम्मीद थी कि फैसला उनके पक्ष में आएगा.. पर जानिये जीता कौन

VIDEO: जर्मनी में अजान बंद करवाने अदालत पहुंचे लोग.. उम्मीद थी कि फैसला उनके पक्ष में आएगा.. पर जानिये जीता कौन

एक जर्मन कोर्ट ने बुधवार को एक बड़ा फैसला सुनाया है, कोर्ट ने मुस्लिम समुदाय के पक्ष में बड़ा फैसला दिया हैं. पांच साल तक चले कानूनी वि’वाद के बाद एक शहर में स्थित एक मस्जिद से मुअज्जिन की अज़ान की आवाज पर रोक लगाने से संबंधित याचिका को कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया हैं. इस याचिका में अज़ान पर रोक की मांग की गई थी, इस मामले में करीब पांच साल पहले हुए विवाद के बाद से ही सुनवाई चल रही थी.

वहीं इसे लेकर न्यूज़ एजेंसी अल जज़ीरा ने अपने रिपोर्ट्स में बताया कि तुर्की इस्लामिक समुदाय (Ditib) कोर्ट का यह फैसला आने के बाद उत्तरी राइन-वेस्टफेलिया राज्य के Oer-Erkenschwick शहर में स्थित मस्जिद से अब एक बार फिर से लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करते हुए नमाज़ के लिए अज़ान पुकार सकते हैं.

इस फैसले को लेकर स्थानीय मुसलमानों में काफी ख़ुशी और उत्साह देखने को मिल रहा हैं. बता दें कि साल 2015 में स्थानीय निवासियों ने अज़ान से जुड़े एक आदेश के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी.

इस आदेश में कहा गया था कि शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय को दोपहर से 2 बजे के बीच अधिकतम 15 मिनट तक ही उडस्पीकर का इस्लेमाल करने की अनुमति दी जाएगी.

इस आदेश के बाद पिछले पांच साल से शहर की इस मस्जिद में अज़ान बंद दी. आपको बता दें कि यह आदेश एक शिकायत पर दिया गया था और यह शिकायत मस्जिद से करीब 900 मीटर (984 गज) की दूरी पर रहने वाले एक दंपति द्वारा दर्ज कराई गई थी.

दंपति ने शिकायत के पीछे कोर्ट में तर्क देते हुए कहा कि इससे उनके धर्म की स्वतंत्रता ध्वनि से प्रभावित हुई हैं. हालांकि कोर्ट ने उनके तर्क को पूरी तरह से खारिज कर दिया.

इस पर सुनवाई कर रहे पीठासीन न्यायाधीश एनेट क्लेस्चनटाइगर ने कहा कि हर समाज को यह स्वीकार करना चाहिए कि किसी को कभी-कभी पता चलेगा कि अन्य लोग अपने विश्वास का उपयोग कर रहे हैं. उन्होने फैसला सुनाते हुए कहा कि इस शिकायत का कोई ठोस आधार नहीं हैं. किसी को भी अपने धर्म का पालन नहीं करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता हैं.

साभार- DW News