टेलीकॉम मामले पर सरकार पर भड़के जज कहा- अफसर हमारे ऑर्डर पर स्‍टे लगा रहा है क्या चल रहा है…

नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को टेलीकॉम कंपनियों को फटकार लगाई थी कोर्ट की फटकार के बाद दूरसंचार विभाग ने टेलिकॉम कंपनियों को शुक्रवार 14 फरवरी 11. 30 बजे से पहले एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (एजीआर) बकाये का भुगतान करने का आदेश दिया है। और विभाग ने कंपनियों को इस सिलसिले में नोटिस जारी किए हैं।

लेकिन इससे पहले जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस एस. अब्दुल नजीर और जस्टिस एम.आर.शाह की पीठ सुनवाई के दौरान एडजेस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) मामले में अपने आदेश का पालन न होने पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त नाराजगी जताई है। सर्कार पर भड़कते हुए जज ने कहा सुप्रीम कोर्ट में ताला लगवाने तक की बात कह डाली।

कोर्ट की तरफ से सरकार की बात को सही करार देने से टेलीकॉम कंपनियों पर 92 हज़ार करोड़ रुपए की देनदारी आ गई थी. इसमें एयरटेल को लगभग 23, वोडाफोन-आइडिया को 27, आरकॉम को 16.5 हजार करोड़ रुपये चुकाने हैं. कोर्ट इस मामले में कंपनियों की पुनर्विचार याचिका भी खारिज कर चुका है।

वही जस्टिस मिश्रा ने इस पर कहा हमें नहीं मालूम कि कौन ये बेतुकी हरकतें कर रहा है, क्या देश में कोई कानून नहीं बचा है। बेहतर है कि इस देश में न रहा जाए और देश छोड़ दिया जाए। एक अधिकारी आदेश पर रोक लगाने की धृष्टता करता है तो फिर सुप्रीम कोर्ट को ताला लगाकर बंद कर देना चाहिए।

देश में जिस तरह से चीजें हो रही हैं, इससे हमारी अंतरआत्मा हिल गयी है। हमने एजीआर मामले में समीक्षा याचिका खारिज कर दी, लेकिन इसके बाद भी एक भी पैसा जमा नहीं किया गया।

उल्लेखनीय है कि दूरसंचार कंपनियों और कुछ अन्य कंपनियों को दूरसंचार विभाग को 1.47 लाख करोड़ रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया गया है। इसके भुगतान की समयसीमा 23 जनवरी थी। हालांकि कोर्ट की फटकार के बाद दूरसंचार विभाग ने टेलिकॉम कंपनियों को शुक्रवार (14 फरवरी) रात 12 बजे से पहले बकाया राशि जमा करने के निर्देश दिए हैं।

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