क्या कांग्रेस के बाद अब ज्योतिरादित्य सिंधिया बीजेपी को भी कहने जा रहे हैं अलविदा?

मध्यप्रदेश में जल्द ही उपचुनाव होने वाले है लेकिन इसी बीच सूबे की सियासत से जुडी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई हैं.  मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बीजेपी नेता और पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया बीजेपी छोड़ सकते हैं. ऐसी खबरें ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा अपने ट्विटर अकाउंट से बीजेपी शब्द हटा लेने के बाद शुरू हुई है. इंडिया टीवी न्यूज़ डॉट इन पर छपी एक खबर के अनुसार सिंधिया ने अपने ट्विटर अकाउंट से बीजेपी के स्थान पर जनता का सेवक और क्रिकेट प्रेमी लिख लिया हैं.

इसके बाद से ही सियासी गलियारों में इस तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं कि ज्योतिरादित्य सिंधिया बीजेपी में खुश नहीं हैं. रिपोर्ट के अनुसार राज्य में कुछ ही महीनों में उपचुनाव होने वाले हैं ऐसे में संभव है कि इस दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस में अपनी घर वापसी कर ले.

हालांकि अभी तक इस पर बीजेपी या ज्योतिरादित्य सिंधिया की तरफ से कोई ऑफिशियल टिप्पणी नहीं आई है. लेकिन सियासी गालियों में चलने वाली अटकलें ही भविष्य में होने वाली घटनाओं की रुख तय करती हैं. आपको बता दें कि सिंधिया ने कुछ समय पहले ही बीजेपी ज्वाइन की हैं.

खास बात यह है कि कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थामने से पहले भी सिंधिया ने अपनी प्रोफाइल से कांग्रेस शब्द हटा लिया था. इसी के चलते एक बार फिर से उनके पार्टी बदलने की अटकलों को बल मिल रहा हैं.

आपको बता दें मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस एकजुटता के साथ चुनाव लड़ी थी. इसके चलते वह जीत दर्ज करने में कामयाब रही थी. मध्यप्रदेश कांग्रेस के बड़े नेता दिग्विजय सिंह, कमलनाथ, अरुण यादव और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एकजुटता दिखाई थी.

इसी के चलते ही कांग्रेस को विधानसभा चुनाव में जीत हासिल हुई थी. लेकिन चुनाव जीतने के बाद सरकार बनाते समय यह एकजुटता बिखर गई और कांग्रेस में बड़े नेताओं के बीच सीएम के पद को लेकर तनातनी शुरू हो गई. काफी विचार विमर्श के बाद आखिरकार कांग्रेस ने कमलनाथ को मध्य प्रदेश का सीएम बनाया. इसी के बाद से ही ज्योतिराज सिंधिया नाराज बताए जा रहे थे.

इसके काफी समय बाद सिंधिया की नाराजगी खुलकर सामने आई और उन्होंने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया. उनके साथ 22 विधायकों ने भी बीजेपी ज्वाइन कर ली जिसके चलते कांग्रेस की कमलनाथ सरकार सिर के बाल गिर गई.

इस बड़े उलटफेर के बाद मध्यप्रदेश में एक बार फिर से शिवराज सिंह चौहान ने सीएम पद की शपथ ग्रहण ली. सूबे में अब 24 विधानसभा क्षेत्रों पर उपचुनाव होने वाले है, इनमें से ज्यादातर सीटें सिंधिया के प्रभाव वाली है ऐसे में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती हैं. माना जा रहा है कि यह उपचुनाव आने वाले समय में सूबे में सत्ता का रुख तय करेगा.