VIDEO: आखिर क्यों जेल से रिहा होते ही डॉ. कफील ने किया था प्रियंका गांधी को फोन, और यूपी छोड़कर जयपुर पहुंचे कफील

डॉ. कफील खान को मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के फ़ैसले के बाद रिहा किया गया. कफील को जनवरी के अंत में गिरफ्तार किया गया था और वो उसके बाद से ही मथुरा जेल में बंद थे. कफील पर लगे रासुका के आरोपों को भी हाई कोर्ट ने गैरकानूनी बताते हुए ख़ारिज कर दिये और उनकी तुरंत रिहाई के आदेश दिये. वहीं जेल से रिहा होने के बाद डॉ. कफील खान अपने घर गोरखपुर नहीं गए बल्कि उन्होंने राजस्थान का रुख किया.

इस बीच खबर मिली है कि डॉ. कफ़ील ख़ान राजस्थान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की तरफ से सुरक्षा का आश्वासन मिलने के बाद पहुंचे है. हिंदुस्तान टाइम्स की एक ख़बर के अनुसार कफ़ील ख़ान और उनके परिवार वालों को शक था कि यूपी की योगी सरकार कफील पर कोई ने मामला चला कर उन्हें फिर गिरफ्तार कर सकती थी.

अख़बार की ख़बर के अनुसार इसी के चलते कफ़ील ख़ान राजस्थान आए. जहां पहुंचकर उन्होंने गुरुवार को जयपुर में एक प्रेंस कांफ्रेंस करके जयपुर में होने की खबर लोगों को दी.

इस दौरान उन्होंने कहा कि हमें कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी जी ने राजस्थान में पूरी सुरक्षा का भरोसा दिलाया है. प्रियंका जी ने मेरी मां और मेरी पत्नी से बात करके मुझे राजस्थान पहुंचने के लिए कहा. उन्होंने यह भी कहा कि मुझे यूपी सरकार किसी अन्य मामले में फंसा सकती है.

 

उन्होंने कहा कि हम लोग राजस्थान में काफी सुरक्षित महसूस कर रहे हैं. गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज के निलंबित बाल रोग चिकित्सक कफ़ील ख़ान कथित तौर पर भड़का’ऊ भाषण देने के चलते पिछले करीब आठ महीनों से जेल की सलाखों के पीछे बंद थे. मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि उन पर रासुका के तहत कोई मामला नहीं बनता है.

हाई कोर्ट के इस आदेश के बाद ही उनकी रिहाई हो सकी. बता दें कि कफील को 29 जनवरी को मुंबई से गिरफ़्तार किया गया था. उन पर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में नागरिकता संशोधन क़ानून के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन में भड़’काऊ भाषण देने का आरोप था.

इसके साथ ही जयपुर से कफ़ील ख़ान ने यह भी कहा कि उन्होंने गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज से अपने निलंबन को हटा’ने की गुहार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लगाई है. लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो वो निलंबन हटा’ने के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा भी खटखटा सकते हैं.