मध्य प्रदेश: फ्लोर टेस्ट से पहले 16 बा’गी विधायकों के इस्तीफे के साथ ही मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी ऐलान कर…

भोपाल: 15 महीनों तक चली मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ की सरकार ने आज इस्तीफे का ऐलान कर दिया है. बता दें प्रदेश में पिछले 1 महीने से सरकार बचाने और गिराने की कवायद हर स्तर पर जारी था. पिछले 24 घंटे से कयास इसलिये लगाए जा रहे थे. क्योंकि मुख्यमंत्री कमलनाथ ने देर रात ऐलान किया था कि वह शुक्रवार दोपहर 12 बजे वो प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे. वही मुख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि 15 महीनों में मेरा प्रयास था कि हम प्रदेश को नई दिशा दें।

इस दौरान मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि आखिर मेरा कसूर क्या था। इन 15 महीनों में मेरी क्या गलती थी। मेरे लगभग 40-45 साल के राजनीतिक जीवन में मैंने विश्वास रखा। मुझे लगता है 5 साल का मौका दिया गया था प्रदेश को सही रास्ते पर लाने के लिए। लेकिन भाजपा ने साजिश कर साढ़े सात करोड़ लोगों के साथ वि’श्वास’घात किया। लोकतांत्रिक मूल्यों की ह#त्या की जनता इन्हें कभी माफ नहीं करेगी।

जिसको लेकर माना जा रहा है कि कमलनाथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में फ्लो’र टेस्ट से पहले अपना त्या’ग पत्र देने का ऐलान कर दिया

बता दें सुप्रीम कोर्ट ने 20 मार्च को शाम 5 बजे कमलनाथ तक सरकार को फ्लोर टेस्ट कराने के आदेश जारी किया था जिसके बाद मध्य प्रदेश विधानसभा स्पीकर ने 16 बा’गी विधायकों के इस्तीफे मं’जूर कर लिए थे। वहीं कमलनाथ ने शुक्रवार दोपहर 12 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई और अपने इस्तीफे का ऐलान कर दिया।

MP कांग्रेस सरकार का कार्यकाल अब समाप्त हुआ

इससे पहले कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने एक टीवी न्यूज चैनल से बातचीत में कहा कि हमारे पास बहुमत नहीं है. 22 विधायकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है. दिग्विजय सिंह ने कहा कि पैसे और सत्ता के द’मपर बहुमत वाली सरकार को अ’ल्प’मत में लाया गया है।

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दरअसल, अदालत भी जल्द से जल्द बहुमत परीक्षण चाहती है, ताकि हॉ’र्स ट्रे’डिं’ग को बढ़ावा न मिले। सर्वोच्च न्यायालय ने स्पीकर के 22 में से सिर्फ 6 विधायकों के इस्ती’फे मंजूर करने के फैसले पर भी सवाल उठाए थे। इसके बाद गुरुवार को 16 अन्य बा’गी विधायकों के इस्तीफे भी मंजूर कर लिए गए।

इस पर विधानसभा स्पीकर एनपी प्रजापति ने कहा कि मैंने अपने दुखी मन से विधायकों का इस्तीफा स्वीकार किया है। इसके अलावा मेरे पास कोई चारा नहीं था।

स्पीकर ने चुनिंदा विधायकों के इस्तीफे स्वीकारने पर कहा कि आरोप तो भगवान राम पर भी लगे थे। लेकिन मैंने नि’ष्पक्ष’ता से कार्रवाई की यह विवेक स्पीकर का है कि वह कब विधायकों का इस्तीफा स्वीकार करेंगे।

आपको बता दें मध्य प्रदेश विधानसभा में 230 विधायक संख्या है, जिनमें से 24 स्थान रिक्त है 206 विधायकों के सदन में बहुमत के लिए 104 विधायकों के की जरूरत है. भाजपा के पास 107 विधायक हैं। कांग्रेस के 92 और सपा, बसपा व निर्दलीय विधायकों के समर्थन से यह आंकड़ा 99 तक ही पंहुचा है।

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