मुख्यमंत्री कमलनाथ को सुप्रीम कोर्ट का आदेश, अब मध्यप्रदेश में ‘कमल’ या कमलनाथ?

मध्य प्रदेश के बीते 2 हफ्ते के सियासी संक’ट का अब लगता है, थमने का वक्त आ गया है. राजनीतिज्ञों को भी लगता है कि अब इसको किसी अंजाम पर पहुंचना चाहिए. हालांकि इस बीच कमलनाथ सरकार ने कई बार कहा है कि उनके पास पूरा बहुमत है, और वह फ्लोर टेस्ट में अपना बहुमत सिद्ध करके दिखाएंगे. यह कैसे हो पायेगा ये तो फ़िलहाल कमलनाथ ही जानते हैं.

इधर सियासी उठापटक के बीच 16 विधायकों ने भी, अपने वीडियो जारी करके कमलनाथ सरकार से बात करने से मना कर दिया था. अभी इसी बीच भाजपा ने भी सुप्रीम कोर्ट की शरण ली जिसके चलते फैसला यह हुआ कि, कल शाम 5:00 बजे तक सुप्रीम कोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश सरकार को अपना बहुमत सिद्ध करना होगा.

Kamalnath and jyotiraditya

कांग्रेस फ्लोर टेस्ट में पास होगी?

कमलनाथ फ्लोर टेस्ट की प्रक्रिया के दौरान अपना शक्ति प्रदर्शन जताएंगे. हालांकि सभी बागी विधायक बार-बार वीडियोग्राफी के जरिए खबर भेज रहे हैं कि कांग्रेस से अब उनका कोई लेना देना नहीं है.

इन सभी बागी विधायकों ने कमलनाथ सरकार को मना करते हुए कहा है कि, वह अब उनसे किसी भी तरह की बात नहीं करना चाहते और कांग्रेस में बीते साल में उनका काफी शो’षण हुआ है.

जिसके चलते अब कांग्रेस का दिल भर गया है, वे सब अब कांग्रेस में वापस किसी भी कीमत पर नहीं जाना चाहते हैं, हालांकि दिग्विजय सिंह जी बागी विधायकों से मिलने के लिए बेंगलुरु गए थे, लेकिन काफी प्रयासों के बावजूद भी उनको विधायकों से मिलने नहीं दिया गया.

वहां भी विधायकों ने उसके तुरंत बाद ही सभी विधायक ने वीडियो जारी करके बोल दिया था कि हम लोगों को अब किसी से बात नहीं करनी है. वे अब हमारा और उनका दोनों का टाइम खराब कर रहे हैं.

बागी विधायक कहाँ जायेंगे किसी को नहीं पता

इस बीच आश्चर्यजनक बात ये भी है कि अभी तक, किसी भी विधायक ने भाजपा के साथ जाने की बात नहीं कही है. लेकिन इस बीच ज्योतिराज सिंधिया ने जरूर भाजपा का पदभार संभाल लिया है.

अब देखना यह दिलचस्प होगा कि 20 मार्च को जो फ्लोर टेस्ट होगा उसमें ऐसे कौन से छिपे पत्ते अपना कमाल दिखाएंगे, जिन्होंने अभी तक कांग्रेस में उन्हें सच में जाने से रोका हुआ था या वे खुद ही नहीं जाना छह रहे.

इधर अनुमान ये भी लगाया जा रहा है कि, उनको जबरजस्ती लॉक डाउन करके रखा हुआ है. क्योंकि किसी भी विधायक को उसके परिजनों तक से मिलने नहीं दिया गया है.

इसी बात को लेकर कमलनाथ सरकार ने भी भाजपा पर ये आरोप लगाया कि विधायकों को जबरदस्ती बंध’क बनाकर रखा गया है.

अगर वह किसी तरह का निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं तो उन्हें छोड़ क्यों नहीं देते. वह फ्लोर टेस्ट से पहले एक बार बागी बागी विधायकों से बात करना चाहते हैं.

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