पंजाब की बुजुर्ग महिला का कंगना को जवाब-13 एकड़ जमीन की हूं मालिक, काम नहीं है तो मेरे यहां कर सकती हो मजदूरी

कंगना रनौत ने किसान आंदोलन में शामिल पंजाब की दादी को शाहीन बाग वाली दादी बता किया था ट्वीट, बुजुर्ग महिला ने कंगना को दिया करारा जवाब

नई दिल्ली, 2 दिसम्बर 2020: केंद्र सरकार द्वारा लाये गए नए तीन कृषि कानून के खिलाफ जारी किसानों के आंदोलन को चौतरफा समर्थन मिल रहा है। पंजाब से शुरू हुआ आंदोलन हरियाणा, यूपी समेत कई राज्यों में विस्तार ले चुका है। बता दें हरियाणा की कई खाप पंचायत भी अपना समर्थन किसानों को दे रहे हैं।

पिछले सात दिनों से चल रहे इस किसान आंदोलन में पंजाब और हरियाणा के किसान सड़कों पर उतरे हुए हैं. वही किसान आंदोलन को लेकर देश की बड़ी हस्तियां रोजाना अपनी प्रतिक्रिया दर्ज करा रही हैं। ऐसे में बॉलीवुड की अक्सर चर्चा में रहने वाली अभिनेत्री कंगना रनौत का ट्वीट भी हाल ही में वायरल हुआ था जिसमें उन्होंने किसान आंदोलन पर आप’त्तिज’नक टिप्प’णी कर दी।

कंगना को बुजुर्ग महिला का जवाब:-

Mahindra Kaur

कंगना के ट्वीट के बाद लोगों ने उन्हें जमकर ट्रोल कर रहे है. दरअसल कंगना रनौत ने किसान आंदोलन को लेकर कहा था कि किसानों के बीच भ्रम फैलाया जा रहा है। आशा है सरकार इसे शाहीन बाग न बनने दे. आपको बता दें कि कंगना ने किसान आंदोलन से जुड़ी एक तस्वीर पर हाल ही में टिप्पणी की थी जिसमें एक बुजुर्ग महिला नजर आ रही थी।

कंगना रनौत ने पंजाब की बुजुर्ग महिला की फोटो शेयर करते हुए कहा था कि यह तो 100 रुपए में उपलब्ध होती है। लेकिन अब कंगना की यह टिप्पणी उन पर भारी पड़ रही है। कंगना की किसान आंदोलन से जुड़ी बुजुर्ग महिला पर की गई टिप्पणी पर अब बुजुर्ग महिला ने उन को आड़े हाथ लिया है।

किसान आंदोलन से जुड़ी बुजुर्ग महिला महिंद्र कौर ने कंगना को जवाब देते हुए कहा कि में 13 एकड़ जमीन की मालिक हूँ और उसके खेत में दर्जनों मजदूर काम करते हैं अगर कंगना चाहे तो वह मेरे यहां मजदूरी पर काम कर सकती हैं।

पंजाब की किसान महिला महिंद्र कौर ने कहा कि किसान भाइयों के हक के लिए वह हमेशा आवाज उठाती आयीं हैं और आगे भी किसान भाइयों के अधिकारों के लिए लड़ती रहेंगी। लेकिन किसानों का अपमान करने वाली कंगना कौन होती हैं। उन्होंने ऐसा क्या देखा कि 100 रूपए वाली बात कही उन्होंने सभी किसान भाइयों का अपमान किया है।

बुजुर्ग महिला महिंद्र कौर कहतीं हैं कि वो अब सिर्फ केंद्र सरकार के खिलाफ लड़ाई नहीं लड़ रही हैं बल्कि कंगना के खिलाफ भी लड़ाई लड़ रही है यह सिर्फ एक बुजुर्ग महिला का नहीं बल्कि पूरे आंदोलन से जुड़े सभी किसानों का अपमान है।