अब 50 साल से ज्यादा उम्र के कर्मचारी मोदी सरकार के निशाने पर? सरकार के इस फैसले ने 49 लाख केंद्रीय कर्मचारियों के उड़ाये होश

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार अब 50 साल से ज्यादा उम्र के ऐसे कर्मचारियों की नौकरी ख’त्म करने जा रही हैं जिनका परफॉर्मेंस कमजोर है. जी हां केंद्र सरकार अब 50 साल के उम्रदराज लोगों को बाहर का रास्ता दिखा सकती हैं, बताया जा रहा हैं कि जो उम्रदराज कर्मचारी अच्छे से परफोर्म नहीं कर रहा हैं उसे बाहर कर दिया जाएगा. इतना ही नहीं इस योजना को लागू करने के लिए कामकाज भी शुरू हो चूका हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मोदी सरकार ने 50 से ज्यादा की उम्र के कर्मचारियों की प्रोफाइल तैयार करने के निर्देश अपने सभी मंत्रालयों और विभागों को जारी भी कर दिये हैं. बताया जा रहा है कि उनके कामकाज की नियमित तौर पर इस प्रोफाइल के आधार पर समीक्षा की जाएगी.

बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट की मानें तो इन कर्मचारियों के कामकाज की समीक्षा हर तीन महीने बाद की जाएगी, इस दौरान अगर काम संतोषजनक पाया जाता हैं तो ठीक वर्ना कर्मचारी को नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा.

शुक्रवार को केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की तरफ से इस मामले में एक ऑफिस मेमोरेंडम जारी किया गया है. विभाग ने सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों को आदेश दिये हैं वो 50 साल या उससे ज्यादा की उम्र वाले कर्मचारियों का एक रजिस्टर तैयार करें.

इसके अलावा ऐसे कर्मचारियों के कामकाज की हर तीन महीने पर समीक्षा लेने के लिए सभी विभागों के प्रमुखों को आदेश दिये गए हैं. अगर समीक्षा में कोई कर्मचारी परफॉर्मेंस में कमजोर पाया जाता हैं तो उनकी सेवाएं समाप्त की जा सकती हैं.

जाहिर हैं मोदी सरकार बड़े स्तर पर ऐसे कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाने का मन बना रही हैं जिनकी आयु अधिक हो चुकी हैं जबकि उनका काम कमजोर हैं.

वहीं दूसरी तरह सरकार आला-अधिकारी केंद्र सरकार के निजीकरण अभियान से भविष्य को लेकर डरे हुए हैं. मोदी सरकार ने देश की कई बड़ी कंपनियों, एयरपोर्ट, रेलवे में निजीकरण शुरू कर दिया हैं. ऐसे में इन संस्थानों में लगे कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर चिंता में हैं.

इसी कड़ी में हाल ही में सरकारी तेल कंपनी भारत पेट्रोलियम ऐंड कॉरपोरेशन लिमिटेड भी निजीकरण की राह पर चल चुकी हैं. ऐसे में इस कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों को भविष्य की परेशानी सता रही हैं.

साभार- जनसत्ता