दीपक चौरसिया को मंगनी पड़ी माफ़ी, मुसलमानों को दोषी ठहराने वाले ट्वीट पर मांगी माफ़ी

केरल में हुई गर्भवती हथिनी की मौ’त के बाद वरिष्ठ पत्रकार और न्यूज़ नेशन टीवी चैनल के एंकर दीपक चौरसिया ने सांप्रदायिक ट्वीट करके माहौल खबर करने की कोशिश की हैं. अब दीपक चौरसिया ने अपने उस सांप्रदायिक ट्वीट के लिए लोगों से माफी मांगी हैं. आपको बता दें कि पिछले दिनों गर्भवती हथिनी के मामले को लेकर दीपक ने इसे सां’प्रदायिक रंग देते हुए फर्जी खबर द्वारा मुसलमानों को दो’षी ठहराते हुए ट्वीट किया था.

आपको बता दें कि एक गर्भवती हथिनी को केरल के पलक्कड़ जिले में पटाखों से भरे फल खिलाने के कारण उसकी मौ’त हो गई थी. इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया था.

इसी दौरान दीपक चौरसिया ने गर्भवती हथिनी की मौ’त के लिए अपने सोशल मीडिया पोस्ट में मुसलमानों को दोषी ठहराते हुए ट्वीट किया था. दीपक ऐसा ट्वीट करने वाले अकेले शख्स नहीं थे, दीपक के आलावा इसी संदर्भ के ट्वीट सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत पटेल उमराव और नरेंद्र मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री के मीडिया सलाहकार अमर प्रसाद रेड्डी ने भी किया था.

हालांकि इन लोगों को सोशल मीडिया पर काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा जिसके बाद तीनों व्यक्तियों को अपने सांप्रदायिक ट्वीट डिलीट करने पड़े.

बता दें कि दीपक चौरसिया ने अपने ट्वीट में लिखा था कि केरल में गर्भवती हथिनी के मर्ड’र के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है. इस मामले में अमजद अली और तमीम शेख को गिरफ्तार किया गया है. इन आरोपियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. हालांकि सोशल मीडिया पर तीखी आलोचनाओं झेलने के बाद उन्होंने ट्वीट डिलीट कर लिया था.

लेकिन इससे पहले ही लोग इसका स्क्रीनशॉट ले चुके थे जो लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे थे. जिसके बाद अब दीपक चौरसिया ने सोशल मीडिया पर पर सांप्रदायिक ट्वीट के लिए माफ़ी मांगी हैं.

उन्होंने माफी मांगते हुए ट्वीट करके कहा कि केरल में हथिनी विनायकी मामले में मेरे अकाउंट पर एक गलत जानकारी ट्वीट कर दी गई. जैसे ही सही तथ्य सामने आया मैंने उस ट्वीट को डिलीट कर दिया. मै एक पत्रकार हूं और उसकी विश्वसनीयता ही सब कुछ होती है. जैसे में अगर इस दौरान किसी को मेरी बात से कष्ट हुआ है तो मुझे खेद है.