उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य ने किया कोर्ट में सरेंडर, जाना पड़ सकता है जेल

उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ी खलबली माचने लगी है. उत्तर प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया है. इसके बाद से ही उत्तर प्रदेश की राजनीति गर्मा गई है, योगी सराकर के लिए यह एक बड़ा झटका साबित होने वाला है. मना जा रहा है कि इससे पार्टी की छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य ने आज दोपहर के करीबन साढ़े ग्यारह बजे कोर्ट में सरेंडर किया है. इसके साथ ही उन्होंने जमानत के लिए याचिका भी दायर कर दी थी जिसके बाद उनको ज़मानत मिल गयी है|

माना जा रहा था की अगर केशव मौर्य की जमानत मंजूर नही होती है तो उन्हें कोर्ट से सीधे जेल की सलाखों के पीछे जाना पड़ता| आपको बता दें कि केशव मोर्य ने आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में और दस साल पुराने दुर्गा पूजा पंडाल समिति केस में प्रयागराज कोर्ट में उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सरेंडर किया है|

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बीजेपी की सीनियर नेता मौर्य पर दस पहले पहले आपराधिक गतिविधियों और चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज कार्य गया था. मौर्य ने समर्पण करने के साथ ही स्पेशल कोर्ट में जमानत की अर्जी भी दाखिल कर दी है. जिस पर आज ही शाम के समय सुनवाई होना है.

मौर्य पर दर्ज इन दोनों मामलों की सुनवाई स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जा रही है. इसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद गठित किया गया था. जिसके बाद सितंबर 2008 के मामले को लेकर अदालत ने उपमुख्यमंत्री के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए था. जिसके बाद उन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए खुद ही सरेंडर कर दिया है.

आपको बता दें कि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य पर कौशाम्बी के मंझनपुर थाने में 2011 और 2013 में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था. इसके साथ ही उन पर धारा 128 सीआरपीसी चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का मुकदमा भी चल रहा है.

शिकायतकर्ताओं ने केशव प्रसाद मौर्य पर आरोप लगाए है कि उन्होंने दुर्गा पूजा समिति के फर्जी कागजात तैयार किये. इसके बाद उन्होंने जनता से धन इकट्ठा किया था. इसके साथ ही उन पर एक चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का मामला भी दर्ज है हालांकि केशव प्रसाद मौर्य ने दोनों ही आरोपों को झूठा बताया है.

साभार- लाइव हिन्दुस्तान